बस्ती। थाना लालगंज के ग्राम टुकटुईया निवासी रतन लाल पुत्र बेचू लाल सूदखोरों के चंगुल से आजाद होना चाहता है। परिवार के साथ भयमुक्त जीवन जीता चाहता है। इसके लिए वह डीजीपी, एसपी और एसओ से गुहार भी लगा चुका है। कहते हैं, कि उन्होंने सूद पर पैसा लेकर जीवन का सबसे पाप किया। आठ लाख के बदले कुल 14 लाख दे चुका हूं, फिर भी सूदखोरों से मुक्त नहीं हो पा रहा हूं, 14 लाख भी दिया, और मार भी खाया, अब तो जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है, कहा जा रहा है, कि अगर 14 लाख और नहीं दिया तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। अब जरा अंदाजा लगाइए कि यह व्यक्ति 120 फीसद ब्याज के दर से सात लाख के स्थान पर 14 लाख चुकता कर दिया, फिर भी उससे 14 लाख और मांगा जा रहा है। अगर देखा जाए तो दुनिया में इससे अधिक लाभ और किसी कारोबार से नहीं मिल सकता। इस अवैध कारोबार को लेकर स्थानीय पुलिस की भूमिका गरीबों को बर्बाद करने और सूदखोरों को मालामाल करने वाली रही। तभी तो गोटवा का एक चाय बेचने वाला व्यक्ति मकान मालिक से किराएदार बन गया, किराएदार किसी और का नहीं बल्कि सूदखोर का, पांच लाख का जब 60 लाख हो गया, तो चाय वाले ने कहा कि मकान आपके नाम कर देता हंू और उसी में किराएदार के रुप में रहूंगा, अब चाय वाला अपने ही मकान का चार हजार माह किराया दे रहा है।

डीजीपी, एसपी और थाने को दिए गए पत्र में रतन लाल ने बताया कि उसके और उमेश पाल पुत्र अज्ञात हाल मुकाम तेंदुआ थाना लालगंज से मधुर संबंध था, जिसके चलते निजी जरूर के लिए उमेश पाल से आठ लाख की मांग किया, इस पर उन्होंने कहा कि उसके पास पूरा पैसा नहीं हैं, इस लिए वह उन्होंने अपने मित्रों से दिलाने की बात कही इस प्रकार उमेशपाल ने 324000  तीन लाख चौबिस हजार रुपए जारी मोबाइल बैंकिंग स्वयं ₹300000 रुपया   निखिल उर्फ आनंदपाल पुत्र विश्वनाथ पाल सा तेनुआ तथा प्रदीप पाल पुत्र राजा रामपाल सा मथैली थाना लालगंज जनपद बस्ती से जरिए चेक 160000 दिलाया। 10 फीस माह में ब्याज पर पैसा दिलाया,  कहा कि धीरे-धीरे पैसा वापस करने लगा. काफी रुपया वापस करने के बाद उक्त लोग 10ः मासिक ब्याज  का दबाव बनाने लगे. और तीनों लोगों ने मिलकर प्रार्थी से दो-दो लाख रुपए का चेक तीनों ने ले लिया। था सुखी प्रार्थी ने रुपया लिया था इसीलिए बताया कि उमेश पाल के जरिए मोबाइल बैंकिंग 553000 पाच लाख तीरपन हजार रुपया आनंदपाल को नगद, 5970000 पाच लाख सतानबे  हजार  तथा प्रदीप पाल को 85000 जरीय मोबाइल बैंकिंग और 200000 नगद दे चुका हूं. फिर भी उक्त लोग मुझ प्रार्थी का चेक वापस नहीं कर रहे हैं और अब भी तीनों लोग मिलकर 10 लाख रुपए की मांग कर रहे हैं न देने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उक्त तीनों लोग दबंग प्रवृत्ति के लोग हैं जो क्षेत्र के लोगों को अपनी मीठी-मीठी बातों में फंसा कर रुपया देकर मोटा ब्याज वसूलने का काम करते हैं। बताया कि इन तीनों ने बहुत लोगोंको 10 फीसद ब्याज पर पैसा दे रखा हैं, और जिसके चलते कईयों का परिवार बर्बाद हो गया, मारे डा के लोग सामने नहीं आ रहे है। बताया  िकवह ब्याज के साथ हर माह मूलधन भी देता रहा। कहा कि उनके पास सारे सबूत हैं, रिकार्डेड काल भी है। बताया कि यह लोग इतने चालाक होते कि नकद लिए हुए पैसें का कोई हिसाब नहीं देते इसी लिए सबसे नकद देने का दबाव बनाते हैं, क्यों कि अगर आनलाइन दिया तो उसका रिकार्ड रहेगा। बताया कि उसे बुद्ववार को इस मामले में थाने पर बुलाया गया, एक दिन बाद सूदखोंरों को भी बुलाया गया। हाल ही में सूदखोरों से तंग आकर मुंडरवा निवासी एक व्यापारी आत्महत्या कर चुके है। पोखरभिटवा में भी एक व्यक्ति आत्महत्या कर चुका है। इसी तरह गोटवा, बढ़नी, दुबौली दूबे और पटखौली में सूदखोंरों का आंतक है। यह सूदखोर अगर किसी को एक लाख 10 फीसद सूद पर पैसा देते हैं, तो पूरा एक लाखनहीं देते, उसमें से पहले एडवांस में एक माह का दस हजार सूद का काटकर 90 हजार ही देते है। सूदखोरों के चंगुल में फंसकर पेटोल पंप के मालिक पम्पी सरदार भी आत्महत्या कर चुके है। रोज कहीं न कहीं किसी के आत्महत्या करने की खबरें आ रही है। ऐसा भी नहीं कि पुलिस नहीं जानती, लेकिन पुलिस भी उन्हीं सूदखोरों की सुनती हैं, जिनके चंगुल में पड़कर न जाने कितना घर और परिवार बर्बाद हो चुका है। title in english