हापुड़/मेरठ, मेरठ जनपद के रोहटा थाना क्षेत्र के ग्राम धिरोट निवासी बीए की छात्रा ललिता गौतम पुत्री वेदप्रकाश के अपहरण व हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर "आर्थिक शैक्षिक समानता अभियान" ने महामहिम राष्ट्रपति को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद चन्द्र, उपाध्यक्ष सुहेल हैदर भारतीय, सचिव एड. श्रीनिवास सिंह व महासचिव सतेन्द्र सागर के हस्ताक्षर वाले पत्र में आरोप लगाया गया है कि 08-07-2026 को पीड़ित परिवार बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से जिलाधिकारी मेरठ को प्रार्थना-पत्र देने जा रहा था। आरोप है कि पुलिस ने पहले से ही कलेक्ट्रेट का गेट बंद कर दिया था। 
पत्र के अनुसार जब लोग धरने पर बैठ गए तो कुछ देर बाद मेरठ एसएसपी अविनाश पांडे वहां पहुंचे और धरना दे रहे पीड़ित परिवार, महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। संगठन ने आरोप लगाया कि एसएसपी ने मौके पर जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया। साथ ही अधिवक्ता रवि गौतम को गाड़ी में बंद कर उनके साथ भी मारपीट की गई।
पत्र में कहा गया है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पकड़कर पुलिस वैन में बंद कर दिया। संगठन ने इस कार्रवाई को "असंवैधानिक व अलोकतांत्रिक" बताते हुए कहा कि इसका पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें एसएसपी गाली-गलौज व मारपीट करते नजर आ रहे हैं। 
संगठन ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की CBI से निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी एसएसपी अविनाश पांडे सहित संलिप्त पुलिस अधिकारियों/कर्मियों को तत्काल बर्खास्त कर दंडित किया जाए। साथ ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर दर्ज किए गए झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं।