बस्ती। नगर पंचायत बभनान का चेयरमैन बनने से पहले भाजपा नेता प्रबल मलानी को एक स्वच्छ और ईमानदार छवि वाला नेता माना जाता था, लेकिन जैसे ही यह चेयरमैन की कुर्सी पर बैठे, इनकी सारी ईमानदारी बेईमानी में बदल गई, अन्य भ्रष्ट चेयरमैनों की तरह इनका भी नाम भ्रष्ट चेयरमैन की श्रेणी में आ गया। अब तो यह गुंडई करने पर उतारु हो गए है। गुंडई करने से पहले इन्हें इस बात का एहसास भी नहीं रहा, कि अब यह भाजपा के चेयरमैन इन्होंने खूब भ्रष्टाचार किया कोई बात नहीं, लेकिन जब इन्होंने पत्रकार को मारापीटा तब से इनकी गिनती गुंडों की टोली में शामिल हो गई। इन्होंने सरेआम विनोद जायसवाल नामक पत्रकार को मारापीटा। एक चेयरमैन और एक गुंडे में क्या फर्क रह गया? पूरी दुनिया ने देखा कि भाजपा के चेयरमैन प्रबल मलानी पत्रकार को पीट रहे हैं, उसका हाथ तोड़ने का प्रयास कर रहे है। पत्रकार की गलती इतनी सी थी, कि उसने घटिया नाली और इंटरलाकिगं निर्माण को उजागर किया। पत्रकार को पिटवाने में स्थानीय उन तीन पत्रकार भी शामिल है, जो नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए दलाली करते है। मार खाने के बाद भी पत्रकार की तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की गईं, अलबत्ता दलाल किस्म के पत्रकारों ने मिलकर मारखाने वाले पत्रकार के खिलाफ पैसा मांगने, रंगदारी वसूलने एवं झूठी खबर प्रकाशित करने के आरोप में एक साथ आठ तहरीर गौर थाने में दिलवा दिया। इसे कहते हैं, कि चोरी और सीनाजोरी। चेयरमैन के द्वारा मारने से पहले चेयरमैन और उनके करीबी लोग पहले ही पत्रकार को पीट चुके थे। इतनी पिटाई होने के बाद पत्रकार इतना डर गया, कि घर से निकलना ही बंद कर दिया। पत्रकार को मारा भी और उससे समझौता भी करवाया। हालांकि चेयरमैन ने भी माफी मांगी। जिस तरह भाजपा अध्यक्षों का आंतक मचा हुआ है, उससे पूरा समाज प्रभावित हो रहा है। इससे पार्टी को कितना नुकसान हो रहा है, इसका एहसास पार्टी के लोगों को जिस दिन हो गया, उस दिन प्रबल मलानी जैसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने में पार्टी को अधिक समय नहीं लगेगा। घटना के बारे में बताते हैं, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रहे, पत्रकार ने पीएनबी बैंक के पास घटिया नाली निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने जाम लगा रखा है। उसी को कवरेज करने के लिए पत्रकार रुक गए, तब तक मलानीजी के कुछ समर्थक आए और पत्रकार को मारने लगें, किसी तरह जान बचाकर भागा तो रास्ते में मलानी मिल गए उन्होंने पत्रकार को खूब पीटा हाथ पकड़कर तोड़ते हुए सीसी कैमरे में दिख रहा है। ऐसा लगता है, कि चेयरमैन से गुंडा बने मलानी को इस बात का एहसास नहीं रहा होगा, कि सीसी कैमरा लगा हुआ, वरना गुंडई कभी न करते। सवाल यह नहीं हैं, कि चेयरमैन गुंडई कर रहे हैं, सवाल यह है, कि क्या चेयरमैन उस पार्टी के चेयरमैन जो दुनिया का सबसे बड़ी अनुशासित पार्टी होने का दावा कर रही है। एक भाजपा के चेयरमैन और एक गुंडे में क्या फर्क रह गया, एक गुंडा भी सरेआम लोगों को पीटता और मारता है, और एक चेयरमैन भी वहीं काम कर रहे हैं, जो एक गुंडा करता है। कौन नहीं जानता कि चेयरमैन लोग कितना और कहां लूट रहे है। एक भी भाजपा का ऐसा चेयरमैन नहीं जिसे आईडिएल कहा जाए, चुनाव के पहले तो सभी आईडिएल बनने का दावा कर रहे थे, लेकिन जैसे ही जनता ने कुर्सी पर बैठाया, उन्ही को ही लूटने लगें, कहा भी जाता है, जब भाजपा के लोग एक पत्रकार को सरेआम पीट सकते हैं, तो यह लोग कितना भ्रष्टाचार करते होगें, इसे आसानी से समझा जा सकता है। इसके पहले के कार्यकाल में सबसे अधिक सम्मान पत्रकारों को ही मिला, ऐसा भी नहीं कि पत्रकारों ने कमियों को उजागर नहीं किया, लेकिन पत्रकार को मारने को कौन कहे पूर्व चेयरमैन मो. सईद ने कभी शिकायत भी नहीं किया। चूंकि मलानी साहब ठहरे भाजपा चेयरमैन, इस लिए यह चाहें जितना भ्रष्टाचार करें, मन करे तो पत्रकार को पीेटे कोई रोकने वाला नहीं हैं, क्यों कि यह भाजपा के चेयरमैन है, अगर यही काम सपा के चेयरमैन किए होते तासे अब तक उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो गया होता। गौर थाने में दी गई तहरीर में विनोद जायसवाल ने अपने आप को आज का आंतक अखबार का पत्रकार बताते हुए कहा कि उसे प्रबल मलानी और उनके लोगों ने इस लिए मारापीटा  िकवह नगर पंचायत के भ्रष्टाचार को उजागर कर रहा था, मारते हुए कहा कि अगर फिर कभी खबर लिखा तो हत्या हो जाएगी, और सारी पत्रकारिता पिछवाड़े में घुस जाएगी। पुलिस ने पत्रकार की तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की। यह है, गौर थाने की पुलिस, और यह हैं, नगर पंचायत बभनान के भाजपा चेयरमैन प्रबल मलानी। किसकी मजाल जो चेयरमैन साहब की गुंडई को रोक सके।