सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा परिवार नियोजन, प्रजनन स्वास्थ्य एवं युवा सशक्तिकरण पर जनजागरूकता अभियान आयोजित
हापुड़: विश्व जनसंख्या दिवस 2026 के अवसर पर सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SIMS), हापुड़ के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा अस्पताल के ओपीडी ब्लॉक में एक व्यापक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनसंख्या स्थिरीकरण, परिवार नियोजन, प्रजनन स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा जिम्मेदार अभिभावकत्व के प्रति आमजन को जागरूक करना था।
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प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को मनाया जाने वाला विश्व जनसंख्या दिवस बढ़ती जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों के प्रति वैश्विक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने तथा सभी नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल देता है। इस वर्ष की वैश्विक थीम "आज और भविष्य के लिए युवाओं की आशाओं एवं आकांक्षाओं को साकार करना" रही, जिसका उद्देश्य युवाओं को स्वस्थ, सुरक्षित एवं जिम्मेदार जीवन के लिए सही जानकारी एवं अवसर उपलब्ध कराना है।
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कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मरीजों, उनके परिजनों, चिकित्सकों, संकाय सदस्यों तथा एमबीबीएस 2023 बैच के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ओपीडी परिसर को जनस्वास्थ्य शिक्षा के एक सशक्त मंच के रूप में विकसित किया गया, जहाँ स्वास्थ्य जागरूकता व्याख्यान, शैक्षणिक पोस्टर प्रदर्शनी, परामर्श सत्र तथा संवादात्मक चर्चाओं के माध्यम से परिवार नियोजन, जन्म अंतराल, प्रजनन स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, जिम्मेदार अभिभावकत्व तथा सरकार द्वारा संचालित परिवार कल्याण योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

यह कार्यक्रम डॉ. (ब्रिगेडियर) विनीत रस्तोगी, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, सामुदायिक चिकित्सा विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। उनके साथ डॉ. वंदना कश्यप, सहायक प्रोफेसर तथा डॉ. अरशद हुसैन, सीनियर रेजिडेंट ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। उन्होंने वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित स्वास्थ्य शिक्षा एवं सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करते हुए कार्यक्रम को प्रभावी बनाया।
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कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि एमबीबीएस 2023 बैच के विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। विद्यार्थियों ने आकर्षक पोस्टर प्रस्तुतियों, व्यक्तिगत स्वास्थ्य परामर्श, जागरूकता संवाद तथा शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से मरीजों एवं उनके परिजनों को परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, प्रजनन स्वास्थ्य तथा जिम्मेदार पारिवारिक जीवन के महत्व से अवगत कराया। यह सहभागिता सिम्स की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को उत्कृष्ट चिकित्सकीय शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सामुदायिक सेवा की भावना से भी विकसित किया जाता है।
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जागरूकता सत्रों में स्वैच्छिक एवं सूचित परिवार नियोजन, सुरक्षित मातृत्व, उचित जन्म अंतराल, किशोर स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, बाल टीकाकरण, पोषण, प्रजनन अधिकार तथा समय पर स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व पर विशेष बल दिया गया। साथ ही प्रतिभागियों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण से संबंधित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं सरकारी योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. जे. रामचन्द्रन ने विश्व जनसंख्या दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ तथा जागरूक एवं जिम्मेदार प्रजनन संबंधी निर्णय ही सतत राष्ट्रीय विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही जानकारी एवं अवसर प्रदान कर ही स्वस्थ परिवार, सशक्त समाज तथा विकसित राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।
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सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स की उपाध्यक्ष श्रीमती रम्या रामचन्द्रेन ने भी सभी को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि संस्थान निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास एवं सामुदायिक कल्याण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम समाज में जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा स्वस्थ एवं जागरूक समाज की नींव मजबूत करते हैं।

यह कार्यक्रम डॉ. बरखा गुप्ता, प्राचार्य; डॉ. मेजर जनरल सी. एस. आहलूवालिया, चिकित्सा अधीक्षक; ब्रिगेडियर डॉ. आर. के. सहगल, वरिष्ठ सलाहकार; श्री रघुवर दत्त, निदेशक; तथा श्री एन. वर्धराजन, महाप्रबंधक के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। उनके नेतृत्व में संस्थान चिकित्सा शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तथा सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम को मरीजों एवं उनके परिजनों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य शिक्षा गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से उन्हें परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, प्रजनन स्वास्थ्य तथा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
संकाय सदस्यों ने कहा कि समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम बेहतर जनस्वास्थ्य परिणाम प्राप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। जागरूक नागरिक ही अपने एवं अपने परिवार के स्वास्थ्य से जुड़े जिम्मेदार निर्णय लेकर स्वस्थ समाज एवं संतुलित जनसंख्या विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
क्षेत्र के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में से एक सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सिम्स), हापुड़ निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, जनस्वास्थ्य शिक्षा, सामुदायिक जागरूकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर आगे बढ़ाते हुए नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविरों, जनजागरूकता अभियानों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
विश्व जनसंख्या दिवस 2026 के अवसर पर सिम्स ने स्वस्थ परिवार, जिम्मेदार अभिभावकत्व, युवा सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, जागरूक प्रजनन निर्णय तथा सतत विकास के राष्ट्रीय एवं वैश्विक प्रयासों में अपनी सक्रिय भागीदारी एवं प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।
आइए, हम सभी मिलकर युवाओं को सशक्त बनाएं, परिवारों को सुदृढ़ करें, जागरूक निर्णयों को बढ़ावा दें और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ, समृद्ध एवं सतत भविष्य का निर्माण करें।
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