राम लीला समिति पर कब्जा करने वाले हुए बेनकाब
ओमप्रकाश गौतम
गढ़मुक्तेश्वर : रामलीला समिति लगातार विवादों में घिर रही है। दो अध्यक्ष एक कार्यकारी अध्यक्ष बनाने पर विवाद को शांत किए जाने की पहल दोनों समितियों को विधायक की अध्यक्षता में भंग किया गया था, उसके बाबजूद बुधवार को गणेश पूजन पर एक बार फिर समिति पर कब्जा करने का आरोप लगा दिया।
दैनिक तेजयुग न्यूज़
बतादें कि 16 सितंबर को पंचायती मंदिर में रामलीला समिति की मीटिंग हुई थी। जिसमें अध्यक्ष रूपेश शर्मा ने आमदनी और खर्च का हिसाब दिया जिसमें 13 लाख से ज्यादा की बचत दिखाई गई हालांकि खर्च में डबल एंट्री का आरोप भी लगाया गया और नया अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव आया। मीटिंग बिना किसी नतीजे समाप्त कर 21 तारीख लगाई गई थी। उससे पहले ही 20 तारीख को गुपचुप तरीके से गट्टा फैक्ट्री में मीटिंग हुई मीटिंग की अध्यक्षता दिनेश त्यागी और विजय शर्मा के आपस में तालमेल के लिए रूपेश शर्मा और पिंकी त्यागी को अध्यक्ष तथा विष्णु दत्त नागर को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर रामलीला समिति के नाम को मखौल बना दिया। तीन अध्यक्षों में सीमा को लगाकर तू तू में में हुई तो धार्मिक कार्य की आस्था के हित में दो समिति तीन अध्यक्षों को सम्मान के साथ एक जुट कर धार्मिक करोड़ों की आस्था भगवान राम की लीला को रावण लीला बनने से रोकने के लिए रामलीला समिति को एक जुट बनाने के प्रयास में जुटे। पंचायती मंदिर में 06 अक्टूबर को मीटिंग हुई। मीटिंग की अध्यक्षता विधायक हरेंद्र सिंह तेवतिया,तथा समाज सेवी चौधरी मदन पाल,कृष्ण वीर गब्बर ने सैकड़ों राम भक्तों की मौजूदगी में दोनों समितियों को भंग करने का प्रस्ताव किया जिसे सभी ने हर्ष का साथ माना दोनों समितियों को भंग किए जाने के बाद विधायक ने धनवंत जैन सर्राफ को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। इसके बाद भी सपा के वरिष्ठ नेता रूपेश शर्मा गुट ने मनमानी करते हुए रामलीला के मंच पर काबिज हो गए। उस समय हालत विचित्र हुए जब रूपेश शर्मा के सहयोगी चरण सिंह राणा के पुत्र लोकेश राणा उर्फ लक्की ने बजरंग दल के बैनर तले राम लीला मैदान में हंगामा किया। बतादें कि हापुड़ एस पी तथा कोतवाल को धरना हंगामा करने की सूचना दी गई थी धरना और हंगामा सांप्रदायिक किए जाने पर माहौल खराब करने की साजिश की गई।
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