बस्ती। बीडीए पर जो आरोप सालों पहले लग रहा था, आज भी वही आरोप लग रहा है। जिस बीडीए के अध्यक्ष कमिष्नर, उपाध्यक्ष डीएम और सचिव एडीएम हो, अगर उस संस्था पर इतने सारे आरोप लगते हो, तो सोचने वाली बात है। बीडीए के सदस्य यशकांत सिंह हर बैठक में सुधार करने पर जोर देते हैं, और कहते हैं, कि बीडीए के अनियमित कार्यो के चलते सदस्यों और सरकार की छवि पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। यह न जाने कितनी बार अवैध निर्माण और अवैध कालोनी बसने वालों के खिलाफ आवाज उठाते आ रहे हैं, लेकिन हर बार इनकी आवाज को दबा दिया जाता है। बार-बार सवाल उठ रहा है, कि आखिर सदस्यों की बात को क्यों नहीं गंभीरता से लिया जाता और गलत कार्य करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाती, बीडीए के जिम्मेदारों को कम से कम बीडीए के सदस्यों की आवाज सुननी चाहिए, और उनके द्वारा दिए गए प्रस्ताव और सुझाव पर अमल भी करना चाहिए, क्यों कि बाहर जनता इनसे ही सबसे अधिक सवाल करती है। कमिष्नर साहब भी कहते जा रहे हैं, लेंकिन उनकी भी नहीं सुनी जा रही है, मामला जैसे ही सचिव के पास पहुंचता है, न जाने क्या हो जाता है? पिछले पांच छह सालों से यह सवाल उठ रहा है, कि क्या बीडीए में कभी सुधार हो पाएगा, या फिर बीडीए वाले कभी सुधर पाएगें कि नहीं? सवाल कल भी वही था, और सवाल आज भी वही है। एक्सईएन बदल जाते हैं, लेकिन नहीं बदलती कार्य करने की षैली। जिस बीडीए को अपने कार्यो के जरिए जनता के दिलों पर राज करना चाहिए, वह बीडीए हंसी का पात्र बन गया है। टोल प्लाजा के पास और एनएच 27 से सटे ग्रीन वैली एवं मैरिज हाल है। यह मैरिज हाल उस समय चर्चा में आया जब इनका नाम सीओ की जांच में आया। इनके खिलाफ सारे सबूत मिले, लेकिन प्रशासन ने र्कोइी कार्रवाई नहीं किया, कार्रवाई इन्हीं पर ही नहीं हुई, बल्कि एक के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं हुई, जिसका कारण वीआईपी नेताजी का होटल माना जा रहा है। कहना गलत नहीं होगा, कि नेताजी के होटल के चलते सभी बच गए। इसकी शिकायत अधिवक्ता आलोक मिश्र ने भी है। कहा कि एनएच के किनारे ग्रीन वैली एवं मैरिज हाल का मानचित्र बीडीए की ओर से नहीं स्वीकृति हुआ, और यह होटल अनियमित रुप से संचालित हो रहा है, लिखा कि बीडीए अगर इा पर कार्रवाई कर दे तो राजस्व के रुप में सरकार को कम से कम 28 लाख का लाभ होगा। स्पष्ट लिखा कि बीडीए वालों की मेहरबानी के चलते सरकार का भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। लिखा कि चूंकि होटल के संचालक का राजनीतिक संबध है, इसी लिए यह बचते आ रहे है। लिखा कि इस होटल के खिलाफ बीडीए वालों को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए, उन्हें यह नहीं देखना चाहिए कि इनके पालिटिकल कांटेक्ट हैं, बीडीए को तो राजस्व को देखना चाहिए, और बीडीओ राजस्व लाभ तब देखेगा, जब वह अपना लाभ छोड़ेगा।
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