लक्ष्य के सापेक्ष सभी बच्चों को प्रवेश दिलाने के निर्देश, लापरवाहीं पर होगी कार्रवाई
गौरव शर्मा l
ग्रेटर नोएडा l मुख्य विकास अधिकारी गौतमबुद्धनगर भालचंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत पात्र बच्चों के शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से निजी विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए जनपद के निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों के प्रवेश की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार ने अवगत कराया कि आरटीई अधिनियम के अंतर्गत पात्र बच्चों को निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा-1 अथवा पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित है। ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन एवं लॉटरी प्रणाली के माध्यम से विद्यालयों का आवंटन किया जाता है। चयनित बच्चों को निःशुल्क शिक्षा के साथ-साथ पाठ्य सामग्री एवं वर्दी हेतु आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने सभी निजी विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उन्हें आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक प्रवेश की सूचना शिक्षा विभाग के पोर्टल पर समयबद्ध रूप से अपडेट की जाए। उन्होंने कहा कि आरटीई योजना का उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, इसलिए किसी भी पात्र बच्चे को प्रवेश से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि चयनित बच्चों एवं उनके अभिभावकों के साथ सहयोगात्मक एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा प्रवेश प्रक्रिया के दौरान आने वाली किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जाए। शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई चयनित बच्चों की सूची के आधार पर प्राथमिकता के साथ प्रवेश की कार्यवाही पूर्ण की जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि यदि किसी आवेदन में कोई कमी पाई जाती है तो उसकी सूचना तत्काल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए, जिससे उसका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयावधि में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण न करने अथवा पात्र बच्चों को प्रवेश देने में अनावश्यक विलंब करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर उनकी मान्यता निरस्त करने की संस्तुति भी की जा सकती है।
बैठक में प्रभारी जिला विकास अधिकारी/परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, संबंधित अधिकारीगण तथा जनपद के निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
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