बस्ती। पिछले दिनों एक बहस छिड़ी कि सपा नेता दयाशंकर मिश्र में ऐसा क्या जो इन्हें अन्य नेताओं से अलग करता है? देखा जाए तो यह इकलौते ऐसे नेता होगें, जिनके व्यक्तित्व को सभी दलों के लोग पसंद करते हैं, विपक्ष भी इनका कायल है। इन्हें पसंद ही नहीं करते बल्कि इनका भी समर्थन करते है। इन्हें तो भाजपा के लोग भी पसंद करते हैं, इसका कारण इनका स्वभाव और निर्विवाद रहना। यहां पर हर्रैया से इनके हारजीत की बात नहीं हो रही है, बात यह हो रही है, कि क्षेत्र की जनता इन्हें विधायक के रुप में देखना चाहती है। एक ऐसा निर्विवाद चेहरा, जिन्हें सभी का सपोर्ट मिल रहा है। इन्हें लेकर लोगों के बीच ऐसी दिवानगी और प्यार अन्य नेताओं में नहीं देखी जा रही है। रघुवर दयाल लिखते हैं, कि रिष्ते अटूट हैं, जिसे मिश्राजी ने सजों के रखा है। शिब्बू खान कहते हैं, कि मिश्राजी किसी भी दल में रहें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, हम मिश्राजी के साथ हैं, और साथ रहेगें। सूर्यबलि सिंह लिखते हैं, कि दयाशंकरजी को भाजपा के हरीषजी ने बड़ा धोखा दिया, नहीं तो अब तक यह विधायक बन गए होते, इन्हें कोई कमी नहीं हैं, भगवान ने इन्हें धन,बल बुद्वि सब दिया, यह चापलूस नहीं है, खरी खरी बात करते हैं, काम सबका करते हैं, काम भी खरा करते है। अमित सिंह कहते हैं, कि परम आदरणीय मिश्राजी से बेहतर कोई नहीं, पार्टी को चाहिए कि इन्हें टिकट दे, हम सभी इनका समर्थन करते है। अभिनव पांडेय कहते हैं, कि दयाशंकर भईया सबके हैं, सभी पाटिग्यों में उनका वोट हैं, हर जाति और हर धर्म के लोग इन्हें अपना मानते है। राघवेंद्र प्रताप सिंह कहते हैं, कि श्रीदया शंकर मिश्रजी से बेहतर कोई उम्मीदचार हर्रैया में दिखाई नहीं दे रहा है। दिनेश कुमार द्विवेदी कहते हैं, कि यह हमारे पूर्व जिनसध्यक्ष रह चुके हैं, सर्वाधिक लोकप्रिय जिलाध्यक्ष रहे हैं, और रहेगें। कौशल किशोर शुक्ल लिखते हैं, कि इनके विचार बहुत अच्छे हैं, और इनकी छवि साफ सुधरी है। खुर्शीद अहमद कहते हैं, कि भाई तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं। अनीस-अनीस लिखते हैं, कि घबडाइए मत मिश्रजी को ही टिकट मिलेगा, अब अपनी अर्जी समय-समय पर लगाते रहे। प्रसिद्वनाथ मिश्र कहते हैं, कि अधिकार मोर्चा आप का स्वागत करता है। विजय कुमार मिश्र लिखते हैं, कि हर किसी के दुख-सुख में शामिल रहने वाले भईयाजी को तहे दिल से सपोर्ट। प्रशांत द्विवेदी कहते हैं, कि माई वोट फार मिश्रजी, वी नीड पिपुल लाइक हिम इन पालिटिक्स। घनष्याम िलखते हैं, कि अगर मिश्रजी को टिकट मिलता है, तो हम लोगों का समर्थन और साथ सर्वत्र रहेगा। अनीस-अनीस फिर लिखते हैं, कि साफसुधरी छवि वाले लोग सभी पसंद नहीं आते, मैं क्या करुं। अंकित पटेल लिखते हैं, कि मिश्रजी एक अच्छे इंसान है, यही विधायक बनेगें। अखिलेश चौहान कहते हैं, कि मिश्रजी इज वेरी गुड लीडर। रामभवन तिवारी कहते हैं, कि हां भैया सभी लोग साथ में रहो, नेताजी सबके साथ है। विजय मिश्र लिखते हैं, कि खाली नाम के हैं, काम के कुछ नहीं, मैं उनसे पहली बार मिला, अब शायद कभी न मिलूं, इनका सपोर्ट सभी लोग करेगें, बाकी जीत नहीं पाएगें।