विकलांग’ प्रमाण पत्र में ‘फंसे’ एनआरएचएम ‘संदीप राय’

 बस्ती। एआरएचएम के चर्चित पटल सहायक संदीप राय विकलांग प्रमाण-पत्र के मामले में फंसते नजर आ रहे है। बताते चले की कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी बस्ती मे तैनात पटल सहायक संदीप राय के विकलांगता प्रमाण पत्र पर उनके द्वारा विभिन्न मदों के भुगतान व कार्यों की निविदाओ में को जा रही अनियमिताओ के सम्बन्ध में कांग्रेस पार्टी  सांऊघाट के ब्लाक अध्यक्ष संजीव त्रिपाठी जांच की मांग की गई थी, श्रीत्रिपाठी ने प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उवप्रवव निदेशक (चिकित्सा उपचार )चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उवप्रव सहित अन्य अधिकारियो के भेजे पत्र मे यह लिखा था कि कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी बस्ती में  तैनात

एनआरएचएम पटल सहायक संदीप राय जिन्होंने अपने विकलांगता प्रमाण पत्र के आधार वर्ष-2023-24 में अपना स्थान्तरण जनपद-बाराबंकी से जनपद बस्ती के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में कराया था इनके द्वारा प्राप्त विकलागता प्रमाण पत्र मे यह अंकित है की संदीप राय लोकोमोटर विकलांगता ( चलन संबन्धी अक्षमता  जिसमें व्यक्ति को हड्डीयो, जोडो, या मांस पेसियो की समस्या के कारण चलने-फिरने या शरीर के अंगो की गतिविधियों में भारी बाधा आती है) से ग्रसित है। जिसमे विकलागता का प्रतिशत 50ः भी दर्शाया गया है (विकलांगता प्रणाम पत्र सलग्न) बावजूद इसके संदीप से मुख्य चिकित्सा अधिकारी- बस्ती द्वारा एन० आर० एच०एम०पटल सहायक का कार्य लिया जा रहा है जो कि संदेहस्पद है  जिससे यह प्रतीत होता है। कि इनके विकलांगता का प्रतिशत काफी कम है और यह 50 फीसद के प्रमाण पत्र का आधार पर तमाम लाभ ले रहे है। साथ ही यह भी अगवत करना है कि संदीप राय ने जब से एन. आर. एच. एम पटल सहायक का कार्य प्रारम्भ किया है तब से इनके पटल पर होने वाली निविदाओ की अनियमितताओ के मामले को लेकर अक्सर  समाचार पत्र व सोशल मिडिया मे चर्चाओ  मे बने रहते है संदीप राय के द्वारा कार्यालम में सम्बद्ध वाहनों के संचालन मैं बड़े पैमाने पर अनियमितता कर भुगतान किया गया। (समाचार पत्र की छायाप्रति) साथ इनके द्वारा अपनी चहेती फर्मो को लाभ पहुंचाने के लिए निविदाओं में भी अनियमिताए की जाती है। इसकी शिकायत माननीय पूर्व विधायक संजय जयसवाल जी द्वारा की गई थी जिसमें यह भी बताया गया था संदीप राय द्वारा 2023-24 में लगभग साठ लाख का भुगतान बैगर सामान आपूर्ति हुए  कर दिया गया था। लेकिन संदीप राय द्वारा अपने ऊंचे रसूख के बल पर सभी शिकायतों को दबवा कर अपनी अनियमितताओ की कार्यशैली से राजकीय कोष की क्षति निरंतर की जा रही है। संदीप राय के विकलांगता का पुनः परीक्षण तथा इनके कार्यकाल मे हुए सभी भुगतान व निविदा की गहनता से जांच कराये जाने की मांग की थी जिसको गंभीरता से लेते हुए अपर निदेशक चिकित्सा उपचार ने सचिव राज्य चिकित्सा परिषद लखनऊ को पत्र प्रेषित कर संजीव त्रिपाठी के पत्र के प्रश्नगत प्रकरण मे नियमानुसार कार्यवाही करते हुए कार्यवाही से महानिदेशालय को अवगत करने को भी कहा।