सर, ‘वर्तमान’ सीएमओ तो ‘पूर्व’ से भी ‘बड़ा’ बेईमान ‘निकले’!

बस्ती। अगर कोई शिकायतकर्त्ता अधिकारियों से यह कहे कि साहब वर्तमान सीएमओ डा. राजीव भटनागर तो पूर्व सीएमओ डा. आरएस दूबे से भी बड़ा बेईमान निकले तो आप क्या सोचेगें? यह हाल उस विभाग का है, जिसके हेल्थ मंत्री और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक है। अगर डिप्टी सीएम के विभाग का यह हाल है, तो कृषि विभाग सहित अन्य विभागों का क्या होगा, इसे आसानी से सोचा और समझा जा सकता है। भले ही चाहे विभागीय मंत्री अपने विभाग के सही और गलत कामों के लिए जिम्मेदार होते हैं, लेकिन सूबे के मुखिया को भी जिम्मेदार माना जाता है। उक्त बाते किसी की कही हुई नहीं बल्कि षपथ-पत्र के साथ की गई शिकायत में कही गई, और यह शिकायत भ्रष्टाचार के खिलाफ निरंतर लड़ने वाला भाकियू भानु गुट के जिला उपाध्यक्ष उमेश गोस्वामी ने कमिश्नर, डीएम और सीडीओ से की है।

कहा कि सर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुदरहा में संविदा स्टाफ नर्स सुमन चौधरी और सुनीता चौधरी, जो रिष्ते में ननद-भौजाई हैं,को लेकर सीएमओ को एक शिकायत की थी, जिसमें कहा गया कि जब से इन दोनों की तैनाती पीएचसी कुदरहा में हुई, तभी से दोनों मेडिकल स्टोर्स वालों से मिलकर नकली दवाओं का कारोबार करती। यह दोनों मरीजों को वही दवाएं लिखती, जिसमें अधिक कमीशन मिलता, अधिक कमीशन के चक्कर में ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब मरीजों को हजारों रुपया की दवा एक साथ लिखती है। कहा कि इसे लेकर सीएमओ को शपथ-पत्र और लिखी गई, दवा की पर्ची सहित शिकायत सात अगस्त 25 को किया। सीएमओ से सबसे बड़े रिष्वतखोर डिप्टी सीएमओ डा. एके चौधरी को जांच दे दिया, कहा कि धन उगाही के लिए ननद और भौजाई को सीएमओ कार्यालय बुलाया गया, और भारी रकम ले लिया, और हमको भी खरीदने का प्रयास किया। कहा कि सीडीओ साहब पहली नवंबर 25 को तहसील दिवस के दिन पत्र दिया, जिस पर आपने फोन पर सीएमओ से बात भी किया, तब भ्रष्ट ाीएमओ ने कहा कि षपथ-पत्र झूठा है। कहा कि जब सीएमओ से आपने पूछा कि जांच कराया या नहीं, तब कहा गया कि नहीं, तब आपने कहा कि जब जांच नहीं कराया तो झूठा क्यों बता रहे हो। कहा कि जल्दी से जांच करो और रिपोर्ट करो। कहा कि साहब आज तक सीएमओ ने आपके आदेश का पालन नहीं किया। कहा कि साहब यह सीएमओ तो पूर्व के सीएमओ से भी बड़ा बेईमान निकलें। कहा कि सीएमओ कार्यालय के संदीप राय ननद-भौजाई का प्रत्येक सप्ताह बुलाते हैं, और पैसा लेते हैं। कहा कि साहब लोग तो महीना खाते हैं, लेकिन सीएमओ का बाबू तो हफता लेता है। पत्र में भ्रष्ट सीएमओ को जनहित में किसी अन्य जनपद में तबादला करने के लिए षासन से लिखा पढ़ी करने की अपील की गई।