समाज सेवी गंगाराम यादव के अथक प्रयास से बन रही सड़क
गांव में सड़क निर्माण कार्य शुरू:

 ग्रामीणों को मिली राहत, प्रधान पर क्रेडिट लेने का आरोप

राजेश शुक्ल /बनकटी-बस्ती

उत्तर प्रदेश के एक गाँव में लंबे समय से खराब सड़क और जल निकासी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को अब राहत मिली है। समाज सेवी गंगाराम यादव के प्रयासों से यहाँ एक सीसी सड़क का निर्माण किया गया है, लेकिन इसके क्रेडिट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

गंगाराम यादव के अनुसार, पिछले बीस वर्षों से लोगों के घरों का गंदा पानी सड़क पर आता था, जिससे ग्रामीण परेशान थे। उन्होंने इस समस्या को लेकर पुलिस में तीन बार शिकायत की। गंगाराम का आरोप है कि इस दौरान प्रधान ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई कि कोई पानी नहीं गिराता। हालांकि, लगातार शिकायतों के बाद अंततः लोगों ने सड़क पर पानी गिराना बंद कर दिया। सड़क निर्माण के लिए गंगाराम यादव ने लोक निर्माण विभाग (PWD) में शिकायत दर्ज कराई और अधिशासी अभियंता (XEN) से भी बात की। उनकी शिकायत पर विभाग ने रिपोर्ट लगाई कि कार्य को कार्य योजना में शामिल कर लिया गया है। इसके लगभग चार-पांच महीने बाद सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ। कई स्थानीय समाचार पत्रों में भी गंगाराम के नाम से यह खबर प्रकाशित हुई थी।

 इस संघर्ष के दौरान गंगाराम यादव को काफी गालियाँ मिलीं और झूठी शिकायतें दर्ज कराकर जेल भेजने की साजिश भी रची गई थी। उन्होंने सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है। उनके अनुसार, दस तसला मोरंग और दस तसला गिट्टी में केवल एक तसला सीमेंट डालकर काम किया जा रहा था, और बेस में सिर्फ बड़ी गिट्टी डाली गई थी। गंगाराम ने आरोप लगाया कि इन गुणवत्ता संबंधी मुद्दों पर प्रधान चुप ही नहीं रहे बल्कि बिधायक दूधराम को पांचवे दिन बुलाकर सुभारम्भ करवाने का साथ में फोटो भी खिचवाई।

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क का काम पिछले पांच दिनों से चल रहा था, और अब प्रधान द्वारा इसका 'शुभारंभ' दिखाया जा रहा है। उन्होंने प्रधान पर बिना मेहनत के क्रेडिट लेने का आरोप लगाया है और कहा कि ग्राम पंचायत के लोग तालाब सफाई की तरह इस सीसी रोड के लिए उनके 'प्रयासों' को भी याद रखेंगे।

गांव में लंबे समय से चली आ रही सड़क पर गंदे पानी की समस्या का समाधान करते हुए, अब सड़क निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह कार्य सामाजिक कार्यकर्ता गंगाराम यादव के अथक प्रयासों के बाद संभव हो पाया है।

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले बीस वर्षों से लोगों के घरों का गंदा पानी सड़क पर आता था, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती थी। इस समस्या को लेकर गंगाराम यादव ने कई बार शिकायतें दर्ज कराईं।

गंगाराम यादव ने पहले पुलिस में शिकायत की, लेकिन कथित तौर पर प्रधान द्वारा झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि कोई पानी नहीं गिराता। तीन बार पुलिस में शिकायत के बाद लोगों ने सड़क पर पानी गिराना बंद किया। इसके बाद, सड़क निर्माण के लिए उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) में शिकायत की और अधिशासी अभियंता (XEN) से बात की। उनकी शिकायत पर रिपोर्ट लगी और कार्य को कार्य योजना में शामिल कर लिया गया, जिसके बाद सड़क का निर्माण शुरू हुआ।अधिशासी अभियंता (XEN) से बात की। उनकी शिकायत पर रिपोर्ट लगी और इस कार्य को कार्य योजना में शामिल कर लिया गया, जिसके बाद सड़क का निर्माण शुरू हुआ।

हालांकि, निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गंगाराम यादव के अनुसार, सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 तसला मोरंग और 10 तसला गिट्टी में मात्र 1 तसला सीमेंट मिलाकर काम किया जा रहा है, और बेस में केवल बड़ी गिट्टी डाली गई है।

गंगाराम यादव ने यह भी बताया कि उन्हें इस संघर्ष के कारण काफी आलोचना और धमकियों का सामना करना पड़ा। इसमें उनकी शिकायतों को झूठा साबित कर जेल भेजने की साजिश भी शामिल थी। उन्होंने कहा कि प्रधान ने घटिया सामग्री के उपयोग पर चुप्पी साधे रखी।

यादव के अनुसार, सड़क का काम पिछले पांच दिनों से चल रहा था, लेकिन आज इसका 'शुभआरंभ' दिखाया जा रहा है। इस कार्य को  सुभारम्भ करने के लिए प्रधान और विधायक को बधाई दी जा रही है।