पतियों की हत्या करने में यूपी की पत्नियां अव्वल

-यूपी, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट और एमपी में 20120 से लेकर 2024 तक कुल 785  पत्नियों ने प्रेमी के खातिर पतियों की हत्या करवा चुकी, इसमें 2025 का आकड़ा शामिल नहीं

-इनमें सबसे अधिक यूपी में 274, बिहार में 176, राजस्थान में 138, महाराष्ट में 100 और एमपी में 87 पत्नियों ने प्रेमी के खातिर उनके साथ मिलकर 785 माता-पिता से उनके बेटे को छीन चुकीं

-हर साल पत्नियों के द्वारा पतियों की हत्या करवाने या करने की घटनाएं बढ़ रही, खासतौर ये उ.प्र. में 2020 में 45, 2021 में 52, 2022 में 60, 2023 में 55 और 2024 में सबसे अधिक 62 पतियों की हत्या प्रेम प्रसंग में पड़कर हो चुकी

-इनमें तो न जाने कितने राजा रघुवंशी जैसे पति की तरह होगें, जो सुहाग तक नहीं मना पाएगें होगे, यह आकड़ा एक तरह से यूपी के पतियों के लिए चौकाने और सतर्क रहने वाला हो सकता

बस्ती। एनसीबीआरसी राज्य क्राइम डाटा की रिपोर्ट, यूपी के पतियों के लिए काफी चौकाने और डराने वाला है। पूरे देश में यूपी की बेवफा पत्नियों ने सबसे अधिक अपने पतियों की जान प्रेमी के खातिर ली है। पत्नियों ने जिन पतियों की हत्या की उनमें न जाने कितने डाक्टर, इंजीनियर, आईएएस, पीसीएस और कारोबारी होगें। इनके मां-बाप पोता और पोती को हाथ में खिलाने के लिए कितने अरमान पाल रखे होगें। कितनी धूमधाम से विवाह किया होगा। न जाने कितने परिवार ऐसे होगें, जिन्होंने अपने बेटे की शादी में जमीन जायदाद तक बेच दिए होगें कर्जदार हो गए होगें। ताकि उनका बेटा और बहु खुश रह सके। बेटे खोने वाले मां-बाप को क्या मालूम रहा होगा, कि जिस बहु को वह घर की लक्ष्मी बनाकर ला रहे हैं, एक दिन वही बहु उसके बेटे की हत्यारिन निकलेगी। उसका बेटा उससे हमेशा के लिए छीन लेगी, वह भी एक ऐसे रिश्ते के लिए जिसे समाज कभी भी मान्यता नहीं देता। न जाने कितने घरों का चिराग बुझ गया होगा, दीया जलाने वाला नहीं रह गया होगा। इनमें तो न जाने कितने राजा रघुवंशी जैसे पति की तरह होगें, जो सुहाग रात तक नहीं मना पाए होगे।

जिन महिलाओं को हमारा समाज देवी का नाम देता है, वही महिलाएं हत्यारिन/राक्षसनी बनती जा रही है। प्रेमी के लिए अपने ही पति की या तो हत्या कर रही है, या तो प्रेमी के साथ मिलकर जान ले रही है। समाज के लिए इससे अधिक डरावना और भयभीत करने वाला कोई और हो ही नहीं सकता। पूरे देश में यूपी की पत्नियों ने सबसे अधिक अपनी पतियों की जान ले चुकी हैं, अनेक तो लेने की योजना बना भी रही होगीं। अब जरा अंदाजा लगाइए कि जिस प्रदेश में पिछले पांच साल में सबसे अधिक 274 पतियों की हत्या उनकी पत्नियों ने की हो, उस प्रदेश का क्या कोई दुल्हा सुरक्षित समझा जा सकता है। दीर्घायु जीवन की कामना के लिए व्रत रखने वाली पत्नी हत्यारिन भी बन सकती है, क्या कोई पति ऐसा सोच सकता है? चौकाने वाली बात यह है, कि यूपी, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट और एमपी में 785 मां-बाप के बेटों की हत्या उनकी बहुएं कर चुकी है। सबसे अधिक यूपी में 274, बिहार में 176, राजस्थान में 138, महाराष्ट में 100 और एमपी में 87 पत्नियों ने प्रेमी के खातिर 785 माता-पिता से उनके बेटे को छीन चुकी है। इनमें 2025 का आकड़ा शामिल नहीं है। 99 फीसद पत्नियों ने एक ऐसे रिश्ते के लिए पतियों की हत्या की, जिसे अवैध रिश्ता माना जाता है। जेल जाने के बाद सारे अवैध रिश्ते समाप्त हो जाते है। सोनम के माता-पिता की तरह न जाने कितने ऐसे माता-पिता होगें, जिन्होंने यह जानते हुए कि उनकी बेटी का किसी और से संबध हैं, फिर भी उन्होंने यह सोच विवाह किया होगा, कि ससुराल जाने के बाद उनकी बेटी सुधर जाएगी, सुधरने को कौन कहे, और बिगड़ती जा रही है। समाज इसके लिए इसके लिए उन मां-बाप और परिवार को जिम्मेदार माना रहा हैं, जिन्होंने सबकुछ जानते हुए भी बेटी की इच्छा के विरुद्व इस लिए विवाह कर दिया, कि ससुराल का प्यार पाकर प्रेमी को भूल जाएगी। पत्नियों का पतियों की हत्या करना दुनिया का सबसे घिनौना और डरावना सच माना जाता है। अब हम आपको उस तरफ ले चलते हैं, जहां पर यूपी में पतियों की हत्या करने में हर साल घटने के बजाए इजाफा हो रहा है। आकड़े गवाह हैं, कि हर साल पत्नियों के द्वारा पतियों की हत्या करवाने या करने की घटनाएं बढ़ रही, खासतौर से उ.प्र. में 2020 में 45, 2021 में 52, 2022 में 60, 2023 में 55 और 2024 में सबसे अधिक 62 पतियों की हत्या प्रेम प्रसंग में पड़कर पत्नियां करा चुकी है। चूंकि जितनी भी हत्याएं पत्नियों ने पतियों की है, वे सभी प्रेमी के प्यार में पागल हो कर की गई। एक और चौकाने वाला आकड़ा हम आप को बताने जा रहे है। 785 पतियों की हत्या करने वाली पत्नियां अपनी प्रेमी के साथ जेल की हवा खा रही है। जब भी कोई इस तरह की घटना होती है, समाज त्वरित हत्यारिन पत्नी और उसके प्रेमी को फंासी की सजा देने की आवाज उठाने लगती है। यह जानते हुए कि हत्या चाहें जितना फुलप्रुफ योजना के साथ की गई, एक न एक दिन उसका खुलासा होना ही है। षायद ही कोई ऐसी हत्यारिन पत्नी और प्रेमी होगा, जो पकड़ा न गया। आईटी इतना विकसित हो गया हैं, कि हत्यारा/हत्यारिन कहीं न कहीं कोई न कोई सबूत छोड़ ही जाता है। कहा भी जाता हैं, अगर कोई हत्या या अन्य जघन्य अपराध अकेले किया गया तो उसका खुलासा जल्दी नहीं होता। पुलिस और जांच एजेसियों को हत्या का खुलासा करने में काफी पसीना बहाना पड़ता है। जो लोग यह सोचतें हैं, वह अपराध करके बच जाएगें, गलत सोचते है। वैसे भी कहा जाता है, कि अपराध कभी छिपता नहीं सिर चढ़कर बोलता है। इस लिए अगर कोई पत्नी अपने प्रेमी के लिए पति को रास्ते से हटाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें योजना को त्वरित बंद कर देना चाहिए, वरना जेल जाने के लिए तैयार रहे।