इस राज्य में कक्षा 10वीं में ग्रेस मार्क्स खत्म, शिक्षा मंत्री ने दी ये जानकारी, जानें क्यों लिया यह फैसला 

कर्नाटक

अगर आप कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, तो यह खबर आपके काम की है. कर्नाटक के स्कूल शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि इस साल से SSLC यानी कक्षा 10वीं की परीक्षाओं में ग्रेस मार्क्स नहीं दिए जाएंगे. यह निर्णय कई आलोचनाओं और विचार-विमर्श के बाद आया है, जिसमें मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की असहमति भी शामिल थी.

नकल रोकने के लिए सुधार

मंत्री बंगारप्पा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ाने के लिए कई सुधार किए गए हैं. इसमें परीक्षाओं की लाइव स्ट्रीमिंग और वेबकास्टिंग जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं, जिससे नकल की घटनाओं पर लगाम लगी है. उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्र अब परीक्षाओं की प्रक्रिया से अच्छी तरह परिचित हैं और उन्हें ग्रेस मार्क्स की जरूरत नहीं है.

मुख्यमंत्री की असहमति

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पहले भी ग्रेस मार्क्स दिए जाने के औचित्य पर सवाल उठाया था. उन्होंने इस प्रथा को समाप्त करने का निर्देश दिया था. समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रथा छात्रों की वास्तविक क्षमता के आकलन में रुकावट बन रही है.

पिछले साल के रिजल्टों पर प्रभाव

वर्ष 2024 की मार्च/अप्रैल में होने वाली SSLC परीक्षाओं के दौरान, कर्नाटक स्कूल परीक्षा और मूल्यांकन बोर्ड (KSEAB) ने रिजल्टों को सुधारने के लिए 20 प्रतिशत तक ग्रेस मार्क्स दिए थे. इस कदम से लगभग 1.70 लाख छात्रों को पास किया गया और कुल पास प्रतिशत में 20% की बढ़ोतरी देखी गई थी. हालांकि, इस साल से यह ग्रेस सिस्टम पूरी तरह समाप्त की जा रही है.