गढ़मुक्तेश्वर/हापुड़
गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा में "गढ़ गंगा विश्वविद्यालय" की स्थापना की मांग।
गढ़मुक्तेश्वर शौर्य शक्ति फाउंडेशन, गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा मै पिछले दो वर्षों से गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा क्षेत्र में "गढ़ गंगा विश्वविद्यालय" की स्थापना की मांग को निरंतर उठा रहा है। इस दौरान फाउंडेशन द्वारा 50 से अधिक बैठकें, कार्यक्रम एवं जन-संपर्क अभियान आयोजित किए गए हैं, जिनमें गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा वासियों का व्यापक सहयोग एवं समर्थन प्राप्त हुआ है।
सम्मेलनों में हजारों लोगों ने स्पष्ट रूप से इस विश्वविद्यालय की मांग का समर्थन किया है:
• ब्राह्मण महासम्मेलन जिसमें लगभग 1500 सक्रिय ब्राह्मणों ने समर्थन दिया।
• शिक्षा सम्मेलन - जिसमें 1000 से अधिक छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने भाग लिया एवं समर्थन व्यक्त किया।
• युवा संसद - जिसमें 500 से अधिक युवाओं ने अपनी सहमति दी।
• जिलास्तरीय महिला पंचायत संसद जिसमें लगभग 3000 महिलाओं ने गढ़ गंगा विश्वविद्यालय की स्थापना का समर्थन है
समर्थन को देखते हुए यह मांग गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा की प्रमुख आवश्यकता एवं सामूहिक इच्छा के रूप में उभरी है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं, नौजवानों एवं समस्त विधानसभा वासियों को उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी, जिससे उनका जीवन स्तर उन्नत होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सकेगा।
शौर्य शक्ति फाउंडेशन ने गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा के प्रमुख संगठनों, शिक्षा जगत से जुड़े हजारों विद्वानों एवं स्थानीय निवासियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद इस मांग को विधानसभा की सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में पहचान की गई है।
1. गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा वासियों की इस लगातार एवं व्यापक मांग को गंभीरता से लेते हुए इसे उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री महोदय तक प्रमुखता के साथ पहुँचाया जाए।
2. गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा में "गढ़ गंगा विश्वविद्यालय" के निर्माण हेतु शासन स्तर पर आवश्यक प्रस्ताव/सिफारिश भेजी जाए तथा इस दिशा में शीघ्र कार्यवाही की जाए।
आपके इस सहयोग से क्षेत्र के लाखों युवाओं के उज्ज्वल भविष्य में महत्वपूर्ण योगदान होगा। हम आपके सकारात्मक कदम की आशा करते हैं। नरेन्द्र सिंह ,आशुतोष शर्मा, अंकित भड़ाना, विक्रम कसाना, बिन्दर कश्यप, हरेंद्र नागर, सुनील शर्मा, आदेश गुर्जर ,तरुण कश्यप समस्त गढ़मुक्तेश्वर वासी उपस्थित रहे।
दीपक सागर
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