बस्ती। यह सही है, कि अगर प्रदेश का यादव भी चौधरियों जैसा समझदार हो जाए, तो हर जिले में इस वर्ग का एक बड़ा नेता के रुप उभर सकता है। इस लिए अगर यादव को चौधरियों जैसा नेता बनना है। चौधरियों जैसा रुतबा हासिल करना और उनके जैसा सम्मान पाना है, तो यादवों को भी चौधरियों जैसा समझदार बनना पड़ेगा। यादव के लोगों को यह एहसास कराना होगा कि हम सिर्फ गाय चराने वाले, दूध बेचने वाले और पशुपालक ही नहीं बल्कि देश के निर्माण में अग्रहणी भूमिका निभाने वाले लोग भी है। हमारा भी कोई वजूद है। हम्हें न तो कोई बरगला सकता है, और न अपने फायदे के लिए राजनीति में ही इस्तेमाल कर सकता है। कहा कि जिस दिन यादव वर्ग अपनी ताकत का एहसास करा दिया, उस दिन नेताओं को भी यादवों की अहमियत का पता चल जाएगा। यह बातें भाजपा जिला पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष ब्रहृमदेव उर्फ देवा ने कही। उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि क्या उनके परिवार वाले ही सांसद बनेगें, यह अन्य किसी बाहरी यादव को क्यों नहीं सांसद बनाते? क्यों नहीं उन्हें टिकट देते? कहा कि इनका साम्राज्य समाप्त हो गया। लोग इनके परिवारवाद प्रेम को अच्छी तरह समझ चुके हैं।

बहृमदेवा का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। हालांकि यह वीडियो पुराना है, लेकिन जिस तरह यह मोदी के प्रति वफादारी दिखाते हुए यह कहते नजर आ रहे हैं, कि हम्हें मोदीजी पर गर्व हैं, गर्व है, गर्व है। अगर उनके लिए जान भी देना पड़ेगा तो पीछे नहीं हटेगें। कहा कि जिस तरह पूरी दुनिया में मोदीजी ने भारत का परचम लहराया है, उससे पूरी दुनिया में देश का नाम उंचा हुआ। कहा कि कांग्रेस ने देश को गर्त में ढकेलने का काम किया, देश को लूटा, लेकिन मोदीजी ने देश का नाम उंचा किया। कहा कि हम गाय की पूजा करते हैं, इस लिए हम मोदीजी को मानते है। जिस तरह मोदी के प्रति वायरल वीडियो में वफादारी दिखाई गई, वह किसी यादव में बहुत कम देखी जाती है। जिस अंदाज में इन्होंने यह कहा कि वह मोदीजी के नाम पर कुर्बान है, और जिस तरह मौजूद भीड़ ने ताली बजाकर समर्थन किया, उससे इनका मोदी प्रेम झलकता है। इससे इन्हें भविष्य की राजनीति में कितना लाभ मिलेगा, यह तो नहीं मालूम, लेकिन चर्चा में अवष्य आ गएं है, और ऐसे समय में इन्होंने मोदी के प्रतिवादी वफादारी दिखाया, जब मोदी के निजी जीवन पर विपक्ष चौतरफा हमला कर रहा है। कहा भी जाता है, कि राजनीति में कोई भी चीज असंभव नहीं है। किसी का सपना वफादारी दिखाकर पूरा होता है, तो किसी का गाली देकर। अगर ऐसा नहीं होता तो मोदी, शाह और पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को खुले आम मीडिया के सामने गाली वाला कभी जिला पंचायत अध्यक्ष नहीं बन पाते और न कोई नगर पालिका अध्यक्ष का टिकट ही पाता।