बस्ती। कुदरहा के उमेश गोस्वामी के निशाने पर जो भी आया, उसका विकेट गिरना तय माना जाता है। जहां इस क्षेत्र के नेता से लेकर पत्रकार तक अपनी जिम्मेदारियों को नहीं निभा रहे हैं, वहीं पर एक सामान्य सा व्यक्ति एक सच्चे नागरिक की भूमिका ईमानदारी से निभा से निभा रहा है। ऐसे लोगों को कुदरहा के लोगों को सार्वजनिक रुप से सम्मान करना चाहिए, ताकि और लोग भी एक सच्चे नागरिक की भूमिका निभाने के लिए आगे आ सके। कुदरहा के लोग कम से कम यह तो कह सकते हैं, कि उनके क्षेत्र में उमेश गोस्वामी जैसा ईमानदार व्यक्ति भी है, जो कभी समझौता नहीं करता। इसे लोग इस लिए पसंद नहीं करते क्यों कि यह किसी को छोड़ता नहीं। शिकायत को अंजाम तक पहुंचाने वाले को ही ईमानदार कहा जाता है, उसे नहीं जो शिकायत करने के बाद पलट और समझौता कर लेते है। इनके निशाने पर प्रकाश नर्सिगं होम रहा, जिसे सील करवाकर इन्होंने अपना टारगेट पूरा कर लिया। बहुत कम ऐसे शिकायतकर्त्ता होगें जो डीएम से लड़ झगड़कर कार्रवाई करवा देते है।
पिछले एक माह से उमेष गोस्वामी उजियानपुर स्थित बेसमेंट में संचालित हो रहे, प्रकाश नर्सिगं होम के खिलाफ कार्रवाई करवाने के लिए मुहीम चला रखा था। आज मुहीम तक सफल हुआ तब डिप्टी सीएमओ डा. एसबी सिंह ने नर्सिगं होम को सील कर दिया। इस अस्पताल इमें बिना डाक्टर और स्टाफ नर्स के आपरेशन हो रहा था। डीएम से कहा कि मैडम अगर यह अस्पताल सील नहीं हुआ तो मैक्स जैसी घटना इस अस्पताल में भी हो सकती है। इसे देखते हुए डीएम ने सील करने का आदेश दिया। यह अस्पताल उसी दिन सील हो जाना चाहिए था, जब नोडल डिप्टी सीएमओ डा. एसबी सिंह और एमओआईसी जांच करने गए थे। उस समय नर्सिंग होम में न तो डाक्टर मिले और न कोई स्टाफ नर्स, पता चला कि जिस डाक्टर की डिग्री पर इसे लाइसेंस मिला, वह लखनऊ में अपने नर्सिगं होम में जमे रहते है। खास बात यह है, कि यह अस्पताल कुदरहा के एएनएम विनोदा सिंह के आलीशान मकान में संचालित हो रहा है, और माना जा रहा है, कि यही डिलीवरी और आपरेशन करती होगी। यह और इनका परिवार उपर रहता है, और नीचे का पोर्सन ओमप्रकाश चौधरी नामक व्यक्ति को किराए पर दे रखा। यह वही ओमप्रकाश चौधरी हैं, जिनका पिपरपाती में पटेल नाम से हास्पिटल चल रहा था, जब वहां पर विवाद हुआ, तो यह उजियानपुर आ गए, और विनोदा सिहं के मकान में नर्सिगं होम खोल लिया। अब आप समझ गए होगें कि क्यों इस अस्पताल में मैक्स जैसी घटना के होने की बात उमेश ने डीएम से कही थी। अब उमेष का दूसरा कदम अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कराना।
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