ओमप्रकाश गौतम
गढ़मुक्तेश्वर : धर्म के नाम पर खुला नंगा नाच हों रहे है। जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होती है। कावड़ मेला में जमकर हंगामा कर खूब उत्पाद मचाया, अब गढ़मुक्तेश्वर रामलीला मंचन कराए जाने के लिए समिति मखौल बनकर रह गई। श्रीराम लीला समिति में गुपचुप तरीके से बने दो अध्यक्ष एक कार्यकारी अध्यक्ष में भी समन्वय नहीं बन पाया तो मामला विधायक के दरबार पहुंचा और आपस में जमकर बरसे। विधायक हरेंद्र सिंह तेवतिया अपना पल्ला झाड़कर जरूरी काम से हापुड़ चले गए। नगर के प्राचीन पंचायती मंदिर में 16 सितंबर को रामलीला समिति की मीटिंग हुई थी। मीटिंग की अध्यक्षता विजय शर्मा ने की थी। समिति अध्यक्ष रूपेश पंडित ने खुली मीटिंग में आय व्यय का ब्यौरा दिया। इसी दौरान अध्यक्ष के चुनाव का प्रस्ताव आया था। अध्यक्ष रूपेश पंडित ने इस्तीफा नहीं दिया और न ही उन्हें हटाया गया तो अगली मीटिंग 21 सितंबर घोषित कर दी गई। नक्का कुआं के पास 20 सितंबर को दिनेश त्यागी और विजय शर्मा दो की अध्यक्षता में गुपचुप तरीके से एक दर्जन लोगों ने मीटिंग कर रूपेश पंडित,भाजपा नेत्री पिंकी त्यागी को अध्यक्ष तथा विष्णु दत्त नागर को कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया गया जो चर्चाओं में रहा और किरकरी हुई। रामलीला समिति पर पिछले करीब 14 लाख रुपए बचत के अलावा करीब दस लाख रुपए के ठेके छोड़ दिए गए। समिति में आपस में ही समन्वय नहीं बन पाया तो गुरुवार को मामला विधायक हरेंद्र सिंह तेवतिया के दरबार में पहुंचा। बताया गया कि समिति पदाधिकारियों में आपस में घमासान होने पर विधायक हरेंद्र सिंह तेवतिया हापुड़ जरूरी काम कहकर अपना पल्ला झाड़ कर चले गए। समाज सेवी रामभक्त ने बताया कि करीब 14 लाख बचत के अलावा 10 लाख के ठेके तथा मंचन के दौरान आरती में दस लाख दान आ जाता है। दो अध्यक्ष तथा एक कार्यकारी अध्यक्ष में तालमेल नहीं है। एक दूसरे पर कीचड़ उछाल रहे है।