‘टांय-टांय’ फिस हुआ ‘हर घर’ जल मिशन ‘योजना’
- -केंद्र सरकार की योजना को उन्हीं के लोगों ने लगाया पलीता
बस्ती। जिले में हर घर जल मिषन योजना मजाक बन कर रह गया। अरबों रुपये के इस केंद्र सरकार की योजना को उन्हीें के लोगों ने पलीता लगा दिया, हर घर में जल तो नहीं पहुंचा अलबत्ता गांव की सूरत जगह-जगह गढढा खोदने से अवष्य बदल गई। डिप्टी सीएम केशव मौर्य तक इस योजना को बकवास बता चुके हैं, और जिले में इसके जांच के आदेश भी दिए। जिले के प्रभारी मंत्री भी इस योजना में हो रही अनियमितता को लेकर बैठक में अधिकारियों को भटकार लगा चुके हैं, और इसकी शिकायत केंद्र को भी कर चुके हैं। चूंकि इस योजना का ठेकेदार गुजरात का है, इस लिए कोई कार्रवाई नहीं होती, एक तरह मोदी और शाह ने योजना को पूरी तरह ठेकेदार के हवाले कर दिया। कोई भी ऐसा प्रधान और जनप्रतिनिधि नहीं जिन्होंने इस योजना को लेकर शिकायत न की हो। विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मझौवा चौबे में हर घर जल जीवन मिशन योजना के तहत कराए जा रहे निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इस संबंध में अर्पित सिंह द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है।
शिकायतकर्ता अर्पित सिंह निवासी ग्राम मझौवा चौबे ने आरोप लगाया है कि योजना के अंतर्गत जैक्सन विश्वराज कंपनी द्वारा लगभग 234.29 लाख की लागत से कराए जा रहे जलापूर्ति कार्य समय सीमा समाप्त होने के बावजूद अधूरे हैं। सूचना बोर्ड के अनुसार कार्य की शुरुआत 07 अगस्त 2023 को हुई थी तथा पूर्ण होने की निर्धारित तिथि 06 फरवरी 2025 थी, लेकिन तय समयावधि बीत जाने के बाद भी कार्य पूर्ण नहीं कराया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई हिस्सों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य अधूरा है, अब तक घर-घर जल कनेक्शन नहीं दिया जा सका है तथा पानी की टंकी व अन्य संरचनाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके बावजूद कार्यदायी संस्था को भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में मांग की गई है कि मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, अनियमितताओं की पुष्टि होने पर दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए तथा भुगतान की गई धनराशि की वसूली कराई जाए। साथ ही अधूरे कार्यों को किसी अन्य योग्य एजेंसी से गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने की मांग की गई है।
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