शेख हसीना बांग्लादेश की सत्ता में सिंहासन से चिपक गईं थीं।

शेख हसीना 2009 से लगातार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री हैं इस बीच उन्होंने देश में लोकतंत्र कहने मात्र को ज़िन्दा रखा।

शेख हसीना ने विपक्षी दलों के नेताओं को जेल में डलवा दिया

चुनाव आयोग के साथ धांधली से चुनाव जीता 

बांग्लादेश में हत्याएं और नरसंहार कराए 

प्रोटेस्ट को जबरदस्ती कुचलने की कोशिशें कीं 

कुर्सी किसी भी हाल में छोड़ने को तैयार नहीं हुई 

लेकिन आज उन्हें बांग्लादेश छोड़कर भागना पड़ा है। हर तानाशाह का दुखद अंत होता है यह बात हर तानाशाह को जाननी चाहिए।