- Loading weather...
- |
- Last Update 16 Aug, 02:07 PM
- |
- |
- खबरें हटके
- |
- ताज़ा खबर
- |
- क्राइम
- |
- वायरल विडिओ
- |
- वीडियो
- |
- + More
गढ़मुक्तेश्वर/ हापुड़ क्रिस्तु ज्योति कान्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल क्रिसमस महोत्सव व पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया।क्रिस्तु ज्योति कान्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पावन परिसर में क्रिसमस महोत्सव तथा पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आरम्भ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलित कर के किया गया। प्रत्येक कार्यक्रम किसी ना किसी उद...
पहले ‘विशाल चौधरी’, अब ‘बृजेश चौधरी’ पर ‘मुकदमा’!-किसको-किसको छुड़ाने जाएगें संजय चौधरीबस्ती। कहा भी जाता है, कि सोशल मीडिया पर खासतौर पर लाइव पर आकर अपनी बात कहने के तरीके को जिस किसी ने इस्तेमाल किया, समझो वह कानूनी शिंकजे में फंसा। जिस तरह सोशल मीडिया पर अपनी बात कहने का जो चलन निकल पड़ा हैं, उसका खामियाजा भी उसी को भुगतना पड़ता जो सोशल मीडिया का द...
नेताजी, ‘जाति’ की ‘आग’ में मत ‘झोंकिए’, नहीं ‘तो’ जल जाएगा ‘जिला’!-पार्टिंयां दलीय निष्ठा और दलीय विचार के स्थान पर जातीय निष्ठा को बढ़ावा दे रही, जातीय आधार पर मदद की जा रही-अब नेता अपनी जाति की टीम बनाता है, जातीय नेता बनकर उभरना चाहते, पार्टियां उसी आधार पर टिकट भी देती-दयाशंकर मिश्र ने जब भाजपा छोड़ा और बसपा में शामिल हुए तो ब्राहृमण लोग उनके साथ...
बिना ‘मां-बाप’ के ‘बन’ गए ‘1.33’ लाख ‘वोटर्स’बस्ती। चौकिएं मत! इसे आप लोग दुनिया का आठंवा अजूबा भी कह सकते हैं, कि जिले में एम लाख 33 हजार से अधिक ऐसे वोटर्स हैं, जिनके मां-बाप का पता ही नहीं, यानि यह सभी बिना मां-बाप के वोटर्स बन गए। हैं, न हैरान और चौकाने वाली बात। जो लोग एसआईआर का विरोध कर रहे हैं, और कर रहे थे, और जिनकी समझ में एसआईआर का मतलब न...
आखिर ‘भाजपा’ के ‘करोड़ों’ वोट काटे ‘किसने’?-सरकार भाजपा की मुख्यमंत्री भाजपा के कमिष्नर, डीएम और बीएलओ सरकार के फिर भाजपा के कट गए लगभग चार करोड़ वोटर्स-अगर योगीजी की बात को सच मान लिया जाए तो इसका मतलब एसआईआर की प्रक्रिया पूरी तरह ईमानदारी से निभाई गई, क्यों कि एसआईआर से तो सबसे अधिक नुकसान बीजेपी को हुआ-ऐसे में अगर सपा और कांग्रेस वाले यह कहते हैं,...
आखिर ‘क्यों’ नहीं एक होकर ‘पत्रकार’ आवाज ‘उठाते’?बस्ती। बार-बार सवाल उठ रहा है, कि आखिर उत्पीड़न के खिलाफ पत्रकार एक होकर क्यों नहीं आवाज उठाते? क्यों यह सोचते हैं, यह पत्रकार उसके संगठन या फिर उसके गोल का नहीं है? पत्रकार भाइर्यों को यह नहीं भूलना चाहिए कि समाज हन्हें देख रहा है। वैसे भी एक पत्रकार की जो छवि समाज में होनी चाहिए वह नहीं बन पा रही है...
‘मौत’ को ‘दावत’ दे रही बस्ती-महुली ‘मार्ग’-सड़क के दोनों ओर सफेद पटटी न लगने से हो रही दुर्घनाएं, कोई अस्पताल पहुंच रहा है, तो कोई पोस्ट मार्टन हाउस-लालगंज के एसआई इंद्रेश यादव कहतें कि सबसे बड़ी समस्या हम लोगों को हो रही, रात में चलना जान जोखिम से भरा रहता है, कोहरा होने की वजह से सामने दिखाई ही नहीं पड़ता, कहते हैं, कि बीस दिन नौकरी बची है हम तो किस...
‘भ्रष्टाचार’ में ‘बहादुरपुर’ बना नंबर वन ‘ब्लॉक’बस्ती। जिस बहादुरपुर ब्लॉक को तीन-तीन नकली प्रमुख संचालन करेगें उस ब्लॉक को नंबर वन बनने से कौन रोक पाएगा? कभी नंबर वन का खिताब एक और नकली प्रमुख वाले ब्लॉक बनकटी के नाम रहा। इस ब्लॉक ने मनरेगा में 24-25 में 56 करोड़ से अधिक खर्च कर पूरे देश में एक नया रिकार्ड बनाया था, इस बार यह रिकार्ड नकली प्रमुखों...
तो ‘क्या’ ‘बोगस’ फर्म गणपति फार्मा ने ‘रची’ ‘साजिश’?बस्ती। सवाल उठ रहा है, कि जब बीसीडीए के अध्यक्ष और उनकी पत्नी की फर्म सहित अन्य फर्मो ने तथा कथित फर्म गणपति फार्मा को लाखों शीशी कोडीनयुक्त सीरप बिल से बेचा और गणपति ने भुगतान भी फर्मो के खाते में किया, तो फिर दोषी कौन? बेचने वाला या फिर खरीदने वाला? कोडीन बेचने वाली फर्मो का कहना है, कि जो भी गड़...
काश, ‘अरविंद पाल’ जैसा दिल ‘केके दूबे’ के ‘पास’ भी ‘होता’बस्ती। जिले में अनेक ऐसे नकली प्रमुख और चेयरमैन है, जिन्होंने असली के नाम पर पैसा और सम्मान दोनों कमाया, लेकिन इन्होंने जिसके नाम पर पैसा और नाम कमाया, उसके लिए कुछ नहीं किया, वहीं पर ऐसे भी हैं, जिन्हें यह एहसास रहा कि उन्हें भी उनके लिए कुछ करना चाहिए, जिनकी बदौलत नाम और पैसा मिला। इसी में...