सड़क सुनी ,विपक्ष गूंगा बहरा, शासन प्रशासन निरंकुश   

  

गढ़मुक्तेश्वर: विपक्ष  जब आवाज उठानी धरना प्रदर्शन करना बंद कर देता है तो शासन प्रशासन अंधा बहरा गूंगा हो जाता है  नेता, अधिकारी अपनी मनमानी करने लग जाते हैं  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के गड्डा मुक्त सड़क के आदेश की धज्जियां उड़ने लगती  है  जनता परेशान हो जाती है उसकी कोई सुनने वाला नहीं हँ ! तो आम जनता शिकायत करें तो किस करें  यह एक बड़ा सवाल है 


विपक्षी पार्टियों द्वारा जनता की आवाज उठाने का कार्य अब किसान यूनियन ने ले लिया है कहीं ना कहीं आज भी किसान यूनियन गरीब जनता के हित के लिए लड़ती हुई नजर आती है सड़क को लेकर आज भारतीय किसान यूनियन संघर्ष अराजनीतिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरनजीत गुर्जर ने मेरठ रोड पर पानी में बैठकर धरना प्रदर्शन किया  कहा अगर यह सड़क जल्दी से नहीं बनवाई गई तो अनिश्चित काल तक धरने पर बैठेंगे ! धरने पर एसडीएम गढ़मुक्तेश्वर, गढ़ कोतवाल मौके पर पहुंचे आश्वासन दिया की जल्द से जल्द सड़क बनवाई जाएगी तब जाकर धरना समाप्त किया गया।


अब सवाल यह उठता है कि आश्वासन तो 6 साल से लगातार प्रशासन द्वारा दिया जा रहा है लेकिन अभी तक भी यह सड़क नहीं बन पाई है इन 6-.7 सालों में गड्ढा युक्त सड़क होने से सात आठ जाने जा चुकी है इसका जिम्मेदार कौन

 तस्वीर में देखिए यह गढ़मुक्तेश्वर की सड़क है  इसमें कितने गड्ढे हैं  इस सड़क पर चलने वालों की हालत ख़राब हो जाती हँ ! गड्डे में रिक्शा पलटने से बड़ा  हादसा हो सकता था  गनीमत रही के कोई हादसा नहीं हुआ आये दिन इस रास्ते पर कुछ न कुछ हादसा होते रहते हँ यह रास्ता  गढ़ से मेरठ को जोड़ता है दिन रात में लगभग हजारों वाहन इस सड़क पर गुजरते  है लगभग 100 से अधिक एंबुलेंस मरीजों को लेकर मेरठ जाती  है  क्योंकि यह सड़क कई जिलों को जोड़ती है   मेरठ में मेडिकल व हॉस्पिटलों की अच्छी सुविधा होने के कारण एंबुलेंस में मरीजों का आना.जाना लगा रहता है इस सड़क में एक फूट गहरे गड्डे हँ ! बर्षा होने से गड्डो में पानी भर जाता हँ ! गड्डे की गहराई की जानकारी न होने के वजह से कई बार वाहन पल्ट जाते हँ !  जनता को कितनी परेशानी का सामना करके मरीज  को एम्बुलेंस से मेरठ ले जाना पड़ता है ! गड्डे की वजह से मरीजो की हालत ख़राब हो जाती हँ  इस सड़क के आस पास जनता इंटर कॉलेज,  डी एम इंटर कॉलेज,   डी आर इंटर कॉलेज है !  जिनमें नर्सरी से लेकर बारहवी तक हजारों बच्चे पढ़ते हैं। कोई रिक्शा से तो कोई साईकिल  से  तो को ऑटो या बस से जाते है।   जिनको इस रास्तों से गुजर कर जाना पड़ता है ! कोई भी कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है  लेकिन शासन प्रशासन मौन है !  जबकि हापुड़  जिले में  तीन विधानसभा  है ! तीनों में बीजेपी सांसद व विधायक है और गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा में तो ट्रिपल इंजन की सरकार है सांसद, विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष भाजपा के होने के बाद भी इस सड़क की यह हालत है !  इस सड़क पर नेता अधिकारी आते जाते रहते हैं !  लेकिन इन पर कोई फर्क नहीं पड़ता !  फर्क पड़ेगा भी  क्यों !  लग्जरी गाड़ी जनता के टैक्स का पैसा की मोटी तनख्वाह  गाड़ी में फ्री पेट्रोल- डीजल  अन्य सुविधा से लैस   तो साहब को जानता की क्या चिंता !  6- 7 सालों से इस सड़क की यही हालत हँ ! कई बार  गढ़मुक्तेश्वर की जनता सामाजिक संगठन व मीडिया ने समय.समय पर बार.बार आवाज उठाई लेकिन यह सड़क नहीं बन पाई, वर्तमान जिलाधिकारी,व पूर्व 6 साल में जितने भी जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी आये हँ इस सड़क को लेकर सभी को कई कई बार अवगत करा चुके हैं ! लेकिन यह सड़क नहीं बन पाई, सड़क गड्ढा मुक्त तो नहीं हो पाई हँ ! गड्डा युक्त जरुर हो गयी हँ ! सड़क गड्डा युक्त होने की वजह से इन 6 -7  सालों में लगभग 7 से 8 लोगों की जान जा चुकी हँ ! प्रशासन पहले ही  मौन था। आज भी मौन है  इस लोकतंत्र देश में अब जनता की आवाज नहीं सुनी जाती है ! तो लोगों का कहना है कि अब यह लोकतंत्र नहीं राजतंत्र  दिखाई देता है ! क्योंकि कितनी भी शिकायत कर ले सुनने को कोई तैयार नहीं है अब नेता व अधिकारियों का काम मात्र इतना रह गया है फोटो, कैमरा, एक्शन इसके अलावा कुछ नहीं !

 मनजीत सिंह की रिपोर्ट