RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा भारत की सच्ची स्वतंत्रता का प्रतीक है।
सोमवार को इंदौर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन किसी के खिलाफ विरोध नहीं था, बल्कि यह भारत की आत्मा को जागृत करने का प्रयास था। उनका कहना था कि इसका उद्देश्य भारत को आत्मनिर्भर बनाना और दुनिया को सही मार्ग दिखाने में सक्षम बनाना था।
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