पीएम मोदी ने OBC को दिए कई लाभः सामान्य वर्ग के समर्थन पर उठे सवाल, UGC नियमों पर चिंता
राजेश शुक्ल (बस्ती सदर), बस्ती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओबीसी समुदाय से होने और सामान्य वर्ग के व्यापक समर्थन के बावजूद, केंद्र सरकार द्वारा ओबीसी वर्ग को दिए गए विभिन्न लाभों पर अब सवाल उठ रहे हैं। सामान्य वर्ग के कुछ वर्गों का मानना है कि उनके समर्थन के बावजूद, उनकी चिंताओं को अनदेखा किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री बनने के बाद, नरेंद्र मोदी सरकार ने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया। हालांकि, सामान्य वर्ग के लिए ऐसा कोई आयोग नहीं बनाया गया। इसके अतिरिक्त, NEET (AIQ) में ओबीसी को 27 आरक्षण प्रदान किया गया, जिस पर सामान्य वर्ग की ओर से कोई बड़ा विरोध दर्ज नहीं किया गया।
सरकार ने 105वें संविधान संशोधन के माध्यम से राज्यों को अपनी ओबीसी सूची और आरक्षण तय करने का अधिकार दिया। ओबीसी छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में भी वृद्धि की गई, जिससे मेडिकल, इंजीनियरिंग, IIT और IIM जैसे संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को लाभ मिला।
इसके अलावा, यूपीएससी, एसएससी, नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे ओबीसी छात्रों के लिए मुफ्त या सब्सिडी वाली कोचिंग योजनाएं शुरू की गई। इन सभी कदमों पर सामान्य वर्ग की ओर से कोई उल्लेखनीय आपत्ति नहीं जताई गई।
हालांकि, हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं, क्योंकि कुछ लोगों का मानना है कि ये नियम सीधे तौर पर सामान्य वर्ग के छात्रों को प्रभावित कर सकते हैं। सामान्य वर्ग ने हिंदू एकता के लिए प्रधानमंत्री मोदी को लगातार समर्थन दिया है, लेकिन अब उनके योगदान पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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