खोरिया गांव पंडित दीनदयाल उपाध्याय के पूर्वजो की जन्मस्थली:

बस्ती जिले के बनकटी ब्लॉक में स्थित खोरिया गांव का इतिहास काफी पुराना और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है। यह गांव भारतीय जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली के रूप में भी जाना जाता है। हाल ही में भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्वनी उपाध्याय द्वारा उनकी जयंती के अवसर पर गांव में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।

प्राचीन काल में बस्ती जिले को 'वैशिष्ठी' के नाम से जाना जाता था, जहां महर्षि वशिष्ठ का आश्रम था और भगवान राम ने लक्ष्मण के साथ कुछ समय बिताया था। 16वीं शताब्दी के आसपास, यह क्षेत्र कलहंस वंश के राजा उदय राज सिंह के अधीन था, जिसके दौरान आसपास के गांवों का विकास हुआ।

खोरिया एक बड़ी ग्राम पंचायत है जो बनकटी सामुदायिक, विकास ब्लॉक के अंतर्गत आती है। 2011 की जनगणना के अनुसार, गांव की कुल जनसंख्या लगभग 3,472 है, जिसमें 1,744 पुरुष और 1,728 महिलाएं शामिल हैं। गांव की साक्षरता दर 66.68% जो उत्तर प्रदेश के औसत के लगभग बराबर है ।और यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि है। जिसमें मुख्य रूप से कृषक और कृषि श्रमिक शामिल हैं। वर्तमान में, अश्वनी उपाध्याय इस गांव के ग्राम प्रतिनिधि हैं। उन्हें गांव के विकास कार्यों के लिए जाना जाता है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर, ग्राम प्रधान अश्वनी उपाध्याय ने पंडित दीनदयाल पार्क में स्थित उनकी मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए थे। इस दौरान उन्होंने भारी मात्रा में वृक्षारोपण भी किया था और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया है। 
बस्ती जिले का यह क्षेत्र प्राचीन काल में 'वैशिष्ठी' के नाम से जाना जाता था। जिला बस्ती की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, महर्षि वशिष्ठ का आश्रम यहीं स्थित था और भगवान राम अपने भाई लक्ष्मण के साथ यहां कुछ समय रुके थे। 16वीं शताब्दी के आसपास, यह क्षेत्र कलहंस वंश के राजा उदय राज सिंह के अधीन था, जिसके दौरान आसपास के गांवों का विकास हुआ।
खोरिया गांव पूरे बस्ती क्षेत्र के ऐतिहासिक गौरव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, हालांकि इसके प्राचीन इतिहास के लिखित साक्ष्य कम उपलब्ध हैं। बस्ती जिले को प्राचीन काल में 'वैशिष्ठी' के नाम से जाना जाता था। बस्ती जिले की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यह क्षेत्र महर्षि वशिष्ठ का आश्रम हुआ करता था और भगवान राम अपने भाई लक्ष्मण के साथ यहां कुछ समय के लिए रुके थे।
मध्यकालीन इतिहास में, 16वीं शताब्दी के आसपास, यह क्षेत्र कलहंस वंश के राजा उदय राज सिंह के शासन के अधीन था। इस दौरान आसपास के गांवों का विकास हुआ और वे कृषि व व्यापार के केंद्र बने। वर्तमान में, खोरिया एक बड़ी ग्राम पंचायत है जो बनकटी सामुदायिक विकास ब्लॉक के अंतर्गत आती है।
2011 की जनगणना के अनुसार, गांव की कुल जनसंख्या लगभग 3,472 है, जिसमें 1,744 पुरुष और 1,728 महिलाएं शामिल हैं। गांव की साक्षरता दर 66.68% है, जो उत्तर प्रदेश के औसत के लगभग बराबर है। यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती है, और गांव में मुख्य रूप से कृषक और कृषि श्रमिक रहते हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक स्वाभिमान के लिए प्रेरणा देती है। उनके पूर्वजो का जन्मस्थान होने के कारण खोरिया गांव का विशेष महत्व है। वरिष्ठ भाजपा नेता अश्वनी उपाध्याय इस गांव का प्रतिनिधित्व करते हैं जो सक्रिय होने के कारण गांव के विकास पुरुष माने जाते हैं।