बस्ती। बस्ती के जिला अस्पताल मे सेवाएं देने वाले आयुश चिकित्साधिकारी डा. वी.के. वर्मा ने हीट वेव से बचने के उपायों के बारे में बताया कि वर्तमान में हीट वेव से सभी परेशान हैं। मौसम वैज्ञानिकों का दावा है कि इस बार तापमान 50 से ऊपर जायेगा। सतर्कता से हमे अपना बचाव कर सकते हैं। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकती है। कहा कि हीट वेव से बचने लिए अपने शरीर को हमेशा हाइड्रेटेड रखें, हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें, और दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें।
शरीर को हाईड्रेट रखें
डा. वर्मा ने कहा गर्मी के मौसम में शरीर को हाईड्रेट रखने पर ध्यान दें. इसमें खास बात है कि सिर्फ पानी पीने से शरीर में पानी की मात्रा की पूर्ति नहीं होती, इसके लिए अन्य चीजें भी लेना जरूरी हैं ताकि पानी के साथ-साथ पोषण तत्व भी शरीर में मौजूद रहें। आयुर्वेद पारंपरिक खानपान यानि मौसमी फल, सब्जी और पेय पदार्थों के उपयोग की सलाह देता है. आयुर्वेद के अनुसार प्रकृति द्वारा दिए गए ऐसे फल और सब्जियां हैं जो पानी की भरपूर मात्रा अपने अंदर रखते हैं इसके साथ ही पोषण तत्वों से भरे होते हैं, लिहाजा इनका सेवन जरूरी है।
हल्का भोजन व तरल पदार्थ लें
इस मौसम में उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन होने की आशंका ज्यादा रहती है। इससे बचाव के लिए साफ और ताजा पानी का सेवन करें। हल्का भोजन करें। यदि शरीर में कमजोरी महसूस हो तो साफ पानी में नमक और चीनी मिलाकर उसके घोल का सेवन करें और तत्काल किसी चिकित्सक को दिखाएं। धूप में निकलने से पहले तरल पदार्थ या पानी पीकर ही निकलें।
बच्चों को धूप में न निकलने दें
तेज धूप में बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दें। निकलना जरूरी हो तो पूरी बांह के हल्के कलर के कपड़े पहनाकर ही जाने दें। बच्चों को तरल पदार्थ अधिक से अधिक दें। यदि बच्चे को दस्त हो जाएं तो ओआरएस का घोल दें तथा पानी की कमी नहीं होने दें। यदि इससे फायदा नहीं हो तो डॉक्टर को दिखाएं। धूप में खुद भी हमेशा सिर ढंककर ही निकलें।
डिहाइड्रेशन से बचें
खूब पानी पीए।. कोशिश करें कि पानी सादा पीने के बजाय उसमें नींबू, ग्लूकोज, कोई शर्बत आदि डालकर लें। बाहर जाएं तो उससे पहले कच्चे आम का पन्ना बनाकर पीएं. घर में रहते हुए भी पीएं तो और बेहतर है। बेल का शर्बत, फालसे का शर्बत, खस का शर्बत, लस्सी, छाछ आदि पीएं। खाने के साथ दोपहर में सलाद जरूर खाएं. उसमें खीरा और टमाटर प्रमुख है। मौसमी फलों का सेवन करें. इनमें तरबूज, खरबूज,स्ट्रॉबेरी, बेल आदि रसभरे फल ले सकते हैं। घर के अंदर सामान्य तापमान में रहें, न ज्यादा ठंडा और न ज्यादा गर्म। मौसमी सब्जियां, हरी सब्जियां, पालक, हरा धनिया, हरी मिर्च, लॉकी, टिंडा, कद्दू आदि खाएं।
क्या न करें
ज्यादा पानी पीना भी सही नहीं है. रोजाना 4 लीटर तक पानी पर्याप्त है. कोशिश करें पानी की पूर्ति अन्य पेय पदार्थों से करें. बाहर धूप में कम से कम निकलें. अगर बाहर जाना भी है तो बिना छाता या गमछा लिए न जाएं. धूप में से सीधे आकर पानी न पीएं. ऐसी स्थिति में फ्रिज का पानी बिल्कुल न पीएं. एसी में से निकलकर सीधे ही धूप में भी न जाएं. गर्म धूप में से लाकर तरबूज, आम, खरबूज, खीरा आदि फल तुरंत न खाएं. इन्हें कुछ देर पानी में डालकर छोड़ दें या धोकर फ्रिज में रख दें. ठंडा होने के बाद ही इस्तेमाल करें। व्यायाम के बाद पसीना निकल रहा है तो तुरंत ही पानी न पीएं. उसके कुछ देर बाद पानी पीना शुरू करें. दिन में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीएं. पानी की कमी की पूर्ति के लिए कोल्ड ड्रिंक आदि पेय पदार्थ न पीएं. ये फायदे के बजाय नुकसान करेंगे. तला भुना और मसालेदार खाने से परहेज करें।
होम्योपैथी में कारगर औषधि
उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन की स्थिति में बेलाडोना, मैगफास, मर्कसाल, बेट्रम एलबम, आर्सेनिक एलबम, एलोज, पोडोफाइलम, ईथूजा, ग्लानाइनम, एकोनाइट, नैट्रम कार्व, जेल्ल्सीमियम, इपीकाक, नक्सवोमिका, चायना, कार्वोवेज, लायकोपोडियम, सल्फर को लक्षण के अनुसार चिकित्सक के परामर्श से लेना कारगर सिद्ध हो सकता है। डा. वी.के. वर्मा ने कहा गर्मी के मौसम में खाना कम तरल पदार्थ ज्यादा लेना स्वास्थ्य के लिये फायदेमंद है।
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