गढ़मुक्तेश्वर/हापुड़

दबंग कोतवाल की दबंगई फिर आई सामने।

गढ़मुक्तेश्वर कोतवाल की हठधर्मिता के खिलाफ अधिवक्ताओं ने नारेबाजी कर सस्पेंड करने की उठाई मांग 

 अधिवक्ताओं के साथ की गई मार- पिटाई।

पहले भी झूठे मुकदमे में फंसा चुका है लोगों को।

तहरीर लेकर करता है झूठे मुकदमे दर्ज।

 शासन प्रशासन द्वारा इसके खिलाफ क्यों नहीं हो रही है कोई कार्रवाई!

हालात यह है कि गरीब कमजोर  लोग थाने में जाने से डरने लगे है।थाने को समझता है अपनी जागीर!

पूर्व में भी कई लोगों को झूठे मुकदमे में फंसा चुका है दबंग कोतवाल!

नहीं होती इस कोतवाल के खिलाफ कोई कार्यवाही!

अब गढ़मुक्तेश्वर की जनता अपनी गुहार लगाने कहां पर जाएं!

आखिर इसके खिलाफ क्यों नहीं की जा रही है कोई ठोस कार्रवाई।

वर्दी कि हनक में चूर सम्मानित लोगों के साथ कर चुका है।अभद्रता।

अब सवाल ये है कि आखिर उत्तर प्रदेश  पुलिस को किसने दिया  सम्मानित लोगों के साथ मारपीट  अभद्रता करने का अधिकार!

गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली प्रभारी विनोद पांडे की हठधर्मिता से त्रस्त आकर गढ़मुक्तेश्वर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने गढ़मुक्तेश्वर तहसील पर गढ़ कोतवाल के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए निलंबित करने की मांग की है। जिसको लेकर सिविल कोर्ट स्थित बार एसोसिएशन कार्यालय पर सभी अधिवक्ताओं की एक अति महत्वपूर्ण बैठक बार अध्यक्ष राजकुंवर चौहान की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें गढ़ कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार पाण्डेय के द्वारा अधिवक्ताओं के प्रति अमर्यादित अशोभनीय बर्ताव और हठधर्मिता के रवैए के चलते चर्चा की गई। आयोजित बैठक में वकीलों ने कहा कि गढ़ कोतवाल का रवैया अधिवक्ताओं के प्रति बड़ा ही अपमानजनक है।जो भी अधिवक्ता थाने जाता है तो गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली प्रभारी एवं उनके अधिनिष्ठ उप निरीक्षक उसके साथ अभद्रत्ता बदत्तमीजी से पेश आते है। अधिवक्ताओं ने कहा कि अभी एक सप्ताह के अन्दर -2 गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली प्रभारी और,एसआई विपिन कुमार,एसआई सुशील यादव एवं कांस्टेबल बिजेन्द्र बालियान के द्वारा जानबूझकर अधिवक्ता ललित वर्मा व अमित चौधरी को मामूली बात पर हवालात में बन्द करके उनके साथ गाली गलौज करते हुए अपराधियों की तरह मारपीट की गई। जब साथी अधिवक्ता दोनों मामलों में गढ़ कोतवाली गए तो गढ़ कोतवाली प्रभारी विनोद पांडे ने उनकी एक बात भी नहीं सुनी तथा बिना सुने ही थाने से भगा दिया। जिससे सभी अधिवक्ता क्षुब्ध हैं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक गढ़ कोतवाल विनोद कुमार पाण्डेय, एसआई विपिन कुमार, एसआई सुशील यादव व कांस्टेबल बिजेन्द्र बालियान का निलम्बन नही होता है। तब तक सभी अधिवक्ता समस्त न्यायालों में न्यायिक कार्यों से पूरी तरह विरत रहेंगे। आवश्यक कार्य भी बन्द रहेगा इसके अलावा रजिस्टार कार्यालय पर तालाबन्दी की जाएगी तथा सी०ओ० कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।