बस्ती। अगर नगर पंचायत भानपुर को लूटा जा रहा है, और इसके लिए जनप्रतिनिधि आवाज नहीं उठाते तो यह माना जाएगा, कि या तो इस लूट में उनकी सहमति हैं, या फिर इनके ही ठेकेदार लूट रहे है। कहने को रुधौली विधानसभा क्षेत्र में सपा विधायक राजेंद्र चौधरी, भाजपा के संजय प्रसाद जायसवाल, यशकांत सिंह, हरीश सिंह, नितेश शर्मा, मनोज चौधरी, आदित्य पुष्कर सिंह, मनोज सिंह और दिलेंद्र जैसे अन्य महारथी और समाज सुधारक लोग रहते हैं, और राजनीति करते हैं, अगर यह लोग भानपुर नगर पंचायत के भ्रष्टाचार और लूट पर चुप रहेगें तो क्षेत्र की जनता क्या सोचेगी? जिस नगर पंचायत में अगर एक भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि नहीं है, तो उस नगर पंचायत की रखवाली की जिम्मेदारी उक्त नेताओं कह ही मानी जाती, अगर यही लोग या इनके ठेकेदार किस्म के लोग नगर पंचायत को लूटने में लिप्त रहेगें तो जनता विष्वास किस पर करेगी, इनमें कोई ठेकेदारी करता है, तो कोई अपने नेता का पैड बेचता हैं, नेता भी ऐसे हैं, जिनकी छवि ऐसी है, कि अगर वह किसी के खिलाफ पत्र लिखते हैं, तो उसे अंजाम तक नहीं पहुंचाते हैं, उस पत्र को या तो यह कहकर झूठा करार दे देते हैं, कि किसी ने उनके लेटर पैड का दुरुपयोग किया, इसी विधानसभा में सबसे अधिक पलटने वाले नेता भी है। यह लोग नेता कम रहे हैं, ठेकेदार अधिक हो गए है। इन्हीं के लोग ठेकेदारी करते हैं, और घटिया निर्माण के नाम पर सरकारी धन को लूटते है। षायद इन लोगों को यह नहीं मालूम कि जनता सबकुछ देख और जान रही है, जनता इन्हें नेता इस लिए नहीं बनाती क्यों कि यह भ्रष्टाचारियों का साथ देंतें और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देतें, जिस तरह विकास के नाम पर नगर पंचायत को लूटा जा रहा है, अगर एक भी नेता आवाज उठाता तो किसी की हिम्मत लूटने की नहीं पड़ती, लेकिन जब नेता खुद लूटपाट में षामिल रहेगें तो अधिकारी और ठेकेदार लूटेंगे ही। कभी इस विधानसभा क्षेत्र के नेताओं की तूती बोलती थी, इनकी आवाज सड़क से लेकर सदन तक सुनाई देती थी, लेकिन जब से यह लोग अप्रत्यक्ष रुप से ठेकेदार हो गए हैं, तब से इनकी आवाज दब कर रह गई है। जो पहचान नेताओं की होनी चाहिए, उसे इन लोगों ने अपने लाभ के लिए खो दिया, आज इस क्षेत्र के लोग खुले आम कहते है, कि फंला नेता का आदमी ठेकेदारी कर रहा है, और गुणवत्ताविहीन सड़क और नाला का निर्माण करवा रहा है। यह वही नेताओं के दलाल लोग हैं, जो पत्रकारों को दलाल कहते हैं, भानपुर का बच्चा-बच्चा जानता है, कि मनोज सिंह किस नेता के लिए ठेकेदारी करते हैं, कौन नहीं जानता कि नितेश शर्मा क्या कर रहे हैं, सबके बारे में भानपुर और रुधौली विधानसभा क्षेत्र की जनता जानती है, कौन नहीं क्षेत्र के विधायक के बारे में जानता कि यह क्या करते हैं, और क्यों भ्रष्ट नगर पंचायत अध्यक्ष का बचाव करते है। जो नेता कभी क्षेत्र की आवाज बनकर चुनाव जीतते थे, आज उन्होंने अपनी पहचान खो दी है। ऐसे नेताओं के हारने का कारण यही सब है। अधिकतर नेताओं की नैया उनके ठेकेदार कहे जाने वाले लोगों के कारण ही डूबी है। अब यह लोग अपने नेता की रही सही इज्जत को भी बटटा लगाने में लगे हुए है। सारी गलती ठेकेदारों की नहीं होती, बिना नेताओं के ईषारे पर कोई नेता का पैड नहीं बेच सकता है। सवाल उठ रहा है, जो घटिया निर्माण भानपुर नगर पंचायत की जनता और पत्रकार को दिखाई दे रही है, वे नेताओं को क्यों नहीं दिखाई देती, या फिर यह लोग देखना नहीं चाहते है। याद रखने वाली बात यह है, कि कोई भी नेता तब तक जनप्रतिनिधि नहीं बन सकता, जब तक वह भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज नहीं उठाएगा, संजय प्रसाद जायसवाल इसके उदाहरण है। सवाल उठ रहा है, यषकांत सिंह, मनोज चौधरी, आदित्य पुष्कर सिंह जैसे नेता कैसे विधायक बनेगें जब यह जनता की आवाज उठाएगें ही नहीं और न भ्रष्टाचार के खिलाफ कुछ बोलेगें। आज हम आप लोगों को फिर उन नेताओं के भ्रष्ट ठेकेदारों के निर्माण कार्यो का सच दिखाने जा रहे है। उखड़ा से नौगढ़वा तक 400 मी. सीसी रोड को बने अपांच माह भी नहीं हुए कि पूरी सड़क उखड गई, क्या इस सड़क को नेता नहीं देख रहे हैं, करमहिया गौशाला के दिवार की नींव में बालू और दोयम दर्जे का ईट प्रयोग हो रहा है, अब लरा अंदाजा लगाइए कि जिसकी नींव ही इतनी कमजोर होगी, इसका इमारत कितना मजबूत होगा? करमहिया गौषाला से बनटिकरा स्कूल तक की 500 मी. सीसी रोड बनते ही टूटने लगी। सड़क किनारे साइड में महीन मो्ररंग और थर्ड ग्रोड की गिटटी एवं दोयम ईट का प्रयोग कौन कर रहा है, कौन करवा रहा है, और कौन ऐसी घटिया सड़क के लिए दोशी है। क्या ऐसी सड़क के बल पर चुनाव जीता जा सकता है। इस विधानसभा क्षेत्र औीर भानपुर के नेताओं ने लगता है, कि ईमानदारी करना छोड़ दिया, ऐसा लगता है, कि ऐसे लोगों ने यह मान लिया है, कि हम्हें अब विधायक नहीं बनना है। बार-बार कहा जा रहा है, अगर नेता खामोश हो जाएगें तो क्षेत्र का क्या होगा? और विकास का क्या होगा?