बस्ती। प्रधानी का चुनाव जीतने के लिए विरोधियों का वोट किस तरह बीएलओ, सुपरवाइजर और एसडीएम से मिलकर कटवाया जाता है, अगर इसका सच देखना हो तो विक्रमजोत ब्लॉक के चर्चित ग्राम पंचायत इमिलिया के विधानसभा और पंचायत चुनाव के मतदाता सूची को देखा जा सकता है। देखने के बाद आप को लग जाएगा, कि मतदाता सूची में भारी पैमाने में हेराफेरी की गई, और यह सब कुछ चुनाव जीतने के लिए किया गया, विधानसभा के मतदाता सूची में इस लिए हेराफेरी करने पाए क्यों कि बीएलओ और सुपरवाइजर दोनों ईमानदार थे। पंचायत के मतदाता सूची में इस लिए 23 विरोधियों का नाम कटवाने में सफल हुए, क्यों कि बीएलओ अमरजीत और सुपरवाइजर प्रतीक शुक्ल दोनों बेईमान थे, यह बेईमानी चिलवनिया ग्राम पंचायत की तरह की गई। वैसे यह मामला हाईकोर्ट होते हुए जिलाधिकारी न्यायालय में पहुंच चुका है। 23 नामों को पंचायत मतदाता सूची से काटने की अपील राम आशीश सिंह की ओर से हाईकोर्ट के डायरेक्षन पर की गई। अब जरा अंदाजा लगाइए कि इस ग्राम के 23 मतदाता विधानसभा चुनाव में तो वोट देगें, लेकिन पंचायत चुनाव में नहीं देने पाएगें, क्या आप इसे फेयर चुनाव कह सकते है।

अपील में कहा गया कि बिना सुनवाई और बिना नोटिस दिए, अंतिम पंचायत निर्वाचक नामावली से मनमाने तरीके से 23 लोगों का नाम काट दिया। जब यह मामला हाईकोर्ट गया तो हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी को मामले का निस्तारण करने का आदेश दिया, लेकिन आदेश दिए चार माह हो गए, लेकिन अभी तक निस्तारित नहीं हुआ। जब कि डीएम के आदेश पर सभी 23 लोगों की पहचान के लिए उनका राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर का नकल और आधार कार्ड सहित जमा किया जा चुका है। दो माह से अधिक समय हो गया, लेकिन हर्रैया एसडीएम की ओर से अभी तक जांच आख्या नहीं भेजी गई। इसे लेकर गांव के शिवकुमार ने डीएम के यहां पुनः शिकायत दर्ज करवाया है। अभी तक फर्जीवाड़ा करने वाले बीएलओ और सुपरवाइजर के खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं की गई।