चेयरमैन तो बदल गए, लेकिन भ्रष्टाचार कम नहीं हुआ?
विक्रमजोत/बस्ती। विक्रमजोत गन्ना सहकारी समिति के चेयरमैन तो बदल गए, लेकिन भ्रष्टाचार वहीं का वहीं रहा, थोड़ा बहुत भी कम नहीं हुआ, आज भी किसानों से गन्ना तौल केंद्रों पर नियम विरुद्व गन्ना उतरवाई लिया जाता हैं, जबकि हाल की बैठक में यह मामला जिला गन्ना अधिकारी के सामने उठ भी चुका है। सवाल उठ रहा है, कि क्या समिति के चेयरमैन इतना कमजोर है, कि वह अपने किसानों का शोषण होने से भी नहीं बचा सकते। गन्ना क्रय केंद्रों पर गन्ना उतरवायी की रसम बंद होने का नाम नहीं ले रही है। किसान व जनप्रतिनिधि लगातार संबंधित उच्च अधिकारियों और मिल प्रशासन से शिकायत करते रहे हैं, चाहे वह एजीएम की बैठक हो या फिर चीनी मिल चलने का सीजन हो। अधिकारी व मिल के जिम्मेदार सुनकर शिकायतों का निस्तारण करने के बजाए उसे ाददी की टोकरी में डाल दे रहे हैं, और समिति अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहा है। जिसका प्रमाण शनिवार को ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक व अध्यक्ष सिद्धांत सिंह द्वारा निरीक्षण के दौरान क्रय केंद्र पर मिला। जहां किसानों ने अपनी पीड़ा सुनायी। सरकारी गन्ना समिति विक्रमजोत के अंतर्गत शनिवार को बभनान चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्र सांड़पुर का ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक बभनान उपेंद्र कुमार सिंह ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर तौल लिपिक उपस्थित नहीं पाए गए ।केंद्र पर मौजूद किसान की पर्ची पर गन्ना का वजन कराया गया व वाहन का वजन कराया गया। किसानों द्वारा बताया गया क्रय केंद्र पर प्रत्येक ट्राली से उतरवायी ली जा रही है। इस दौरान सीडीओ प्रदीप कुमार, फिटर रणजीत सिंह के अलावा गन्ना किसान कपिल कुमार इंद्रसेन सिंह कपिल देव सिंह पवन कुमार सहित मौजूद रहे। इसी क्रम में क्षेत्र के बस्थनवां स्थित क्रय केंद्र पर जहां किसान मजबूर हैं कि तीसरे दिन उनका गन्ना तौल पूरा हो पाता है। किसानों का कहना है कि दबंग किसान गन्ना टिकट के ठेकेदार बन जबरन गन्ना तौल करा ले जाते हैं और अक्सर केंद्र पर मारपीट की नौबत बनी रहती है। वहीं केंद्र पर उतरायी नहीं लगती का बैनर लगा है पर प्रत्येक ट्राली से 100 रूपये गन्ना उतरवायी ली जा रही है ।
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