गढ़मुक्तेश्वर न्यूज़

योजनाओं के नाम पर पूरे देश में लूट मची है।


आयुष्मान भारत योजना या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, भारत सरकार की एक स्वास्थ्य योजना है जिसे 23 सितम्बर, २०१८ को पूरे भारत में लागू किया गया था। २०१८ के बजट सत्र में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने इस योजना की घोषणा की। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों (बीपीएल धारक) को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है। इसके अन्तर्गत आने वाले प्रत्येक परिवार को 5 लाख तक का कैशरहित स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जायेगा।[1] १० करोड़ बीपीएल धारक परिवार (लगभग ५० करोड़ लोग) इस योजना का प्रत्यक्ष लाभ उठा सकेगें। इसके अलावा बाकी बची आबादी को भी इस योजना के अन्तर्गत लाने की योजना है।


इसका उद्देश्य व्यक्तियों और उनके परिवारों को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा प्रदान करना है ताकि लोग बिना किसी परेशानी के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त कर सकें। आप स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने के लिए कार्ड का उपयोग कर सकते हैं। कार्ड में आपका पूरा मेडिकल इतिहास और स्वास्थ्य रिकॉर्ड भी होता है, जिसे बीमा कंपनियां और अस्पताल एक स्थान पर पहुच सकते हैं।

इस योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल 2018 को भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती के दिन झारखंड के राँची जिले से आरम्भ किया।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्वास्थ्य सेवा के लिए चयनात्मक दृष्टिकोण से आगे बढ़कर निवारक, प्रोत्साहन, उपचारात्मक, पुनर्वास और उपशामक देखभाल तक फैली सेवाओं की व्यापक श्रृंखला प्रदान करने का एक प्रयास है। इसके दो घटक हैं जो एक दूसरे के पूरक हैं। इसके पहले घटक के तहत, 1,50,000 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए जाएंगे, जो व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करेंगे, जो उपयोगकर्ताओं के लिए सार्वभौमिक और निःशुल्क है, जिसमें कल्याण और समुदाय के करीब सेवाओं की विस्तारित श्रृंखला की डिलीवरी पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। दूसरा घटक प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) है जो माध्यमिक और तृतीयक देखभाल की मांग करने वाले 10 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करता है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में विस्तारित रेंज की सेवाएं प्रदान करने की परिकल्पना की गई है, जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं से आगे बढ़कर गैर-संचारी रोगों की देखभाल, उपशामक और पुनर्वास देखभाल, मौखिक, नेत्र और ईएनटी देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य और आपात स्थिति और आघात के लिए प्रथम स्तर की देखभाल को शामिल करती हैं, जिसमें मुफ्त आवश्यक दवाएं और नैदानिक ​​सेवाएं शामिल हैं।

वैसे तो योजनाओं के नाम पर पूरे देश में लूट मची है।  आज हम आपको स्वास्थ्य विभाग उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ के ग्राम मोहम्मदपुर रुस्तमपुर में एक आयुष्मान आरोग्य केंद्र बना हुआ है इसे आयुष्मान आरोग्य केंद्र बनाने में क्या लागत आई फिलहाल हम आपको नहीं बता सकते लेकिन इस आयुष्मान आरोग्य केंद्र की हालात आपको बताते हैं! इस आयुष्मान आरोग्य केंद्र में स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला की ड्यूटी रजिस्टर की तस्वीर इसमें दिवस, ड्यूटी कार्य, स्थान का नाम लिखा है।

 अब हम आपको विस्तार से इस आयुष्मान आरोग्य केंद्र में ड्यूटी करने वालों की लिस्ट और कौन-कौन से दिन ड्यूटी लगती है और ड्यूटी करने वाले यहां आकर क्या क्या कार्य करते है। ड्यूटी करने वालों के लिए कुर्सी, मेज, साफ सुथरे कमरे, टैल लगी हुई लैट्रिनग बाथरूम, लाइट फिटिंग, पंखे और साफ सफाई, होनी चाहिये मगर यहां ला नजारा तो कुछ अलग ही ब्यान करता है। लगता है की जब से ये आयुष्मान आरोग्य केंद्र बना है तब से आज तक कोई अधिकारी, कर्मचारी ने इसकी सुध ली हो।  कितने ईमानदार हैं हापुड़ जिले के जिम्मेदार अधिकारी , कर्मचारी व जिम्मेदार नेता अब देखिए ड्यूटी रजिस्टर में सोमवार को सामूहिक प्राथमिक खंड केंद्र पर बैठक होती है।

 मंगलवार उप केंद्र क्लिनिक, क्षेत्रीय भ्रमण  मोहम्मदपुर में जिसकी आपको हमने तस्वीर दिखाई यह। इस उपकेंद्र में यह मंगलवार को आकर बैठती  हैं! उसके बाद क्षेत्र में भ्रमण  करती हैं!  बुधवार को टीकाकरण व अन्य कार्य ,बृहस्पतिवार को इस उपकेंद्र पर क्लीनिक खोलकर मोहम्मदपुर रुस्तमपुर के ग्राम वासियों को दवाई दी जाती है! और शुक्रवार को क्षेत्रीय भ्रमण किया जाता है! और शनिवार को तो टीकाकरण, एवं अन्य कार्य किए जाते हैं! अब हम आपको अन्य कार्य के बारे में नहीं बता सकते जो बोर्ड पर लिखा है! हम केवल इसके बारे में बता रहे 

 अब इस आयुष्मान  इस आरोग्य केंद्र मे किस डॉक्टर नर्स या वार्ड बाय की ड्यूटी लगाई गई है! और किन-किन लोगों ने ड्यूटी की है! यह तो स्वास्थ्य विभाग  ही बता सकता है!

मनजीत सिंह की रिपोर्ट