सड़क,घाट,पुल बनाया जाना अधर में, श्रद्धालु अपने बूते करेंगे व्यवस्था

ओमप्रकाश गौतम
गढ़मुक्तेश्वर: प्राचीन गंगा मेला को मुख्यमंत्री की घोषणा गंगा पुल बनाए जाना अधर में हैं इस बात भी मेला को गंगा पुल पर पक्का घाट नहीं मिलेगा। पीपे का पुल भी नहीं बन पाने से गढ़ और तिगड़ी मेला नहीं जुड़ पाएंगे। गंगा मेला में जाने के लिए श्रद्धालुओं को पुरानी नौ फुटी सड़क से ही आना जाना पड़ेगा। गढ़ मेला रोड दूसरी पुलिया के पास से नौ फुटी सड़क गड्ढे युक्त है इसी सड़क से श्रद्धालुओं को आना जाना होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने गढ़ गंगा के मेला में दो बार आकर गंगा पुल बनाए जाने की घोषणा की थी। गढ़ विधायक हरेंद्र सिंह तेवतिया,धनौरा विधायक राजीव तरारा ने ने समय समय में याद दिलाकर भरसक प्रयास किया मगर प्रयास सफल होता नजर नहीं आ रहा है। सड़क ,घाट का न बनाया जाना डबल इंजन की सरकार पर बड़ा प्रश्न है। नागरिकों का कहना है कि टोल वसूली के लिए सड़क बनाई गई है जनता के सरोकार की सड़कें जर्जर हालात में जिम्मेदार देख रहे है। नौ फुटी छोटी सड़क पर लाखों की भीड़ से जाम लगता  है। जाम में फंसने पर सब परेशान होते है। 

पौने सात करोड़ होंगे खर्च..

गढ़ गंगा मेला में पौने सात करोड़ खर्च किए जाना प्रस्तावित है। नागरिकों का आरोप है अधिकाश धनराशि जिम्मेदारों,सिस्टम की सुविधा पर खर्च होता है। श्रद्धालुओं को धूल और धक्के मिलते है। श्रद्धालु अपने डेरे अपनी व्यवस्था खुद करते है और करेंगे।

गंगा पुल बनाया जाना संभव नहीं..

गंगा जल स्तर और भौगोलिक स्थिति के चलते अभी पीपे का गंगा पुल बनाया जाना संभव नहीं है। सिंचाई विभाग अपनी औपचारिकता पूरी नहीं कर पाया वही शासन से भी संतुति नहीं मिल पाई है। कविता मीणा जिला अधिकारी