ओमप्रकाश गौतम

 गढ़मुक्तेश्वर:  महर्षि वाल्मीकि जी के जयंती के उपलक्ष में पौराणिक गणमुक्तेश्वर महादेव नक्का कुआं मंदिर में दो दिवसीय रामचरित मानस का हुआ। मंदिर महंत बराहा गिरी महाराज ने बताया उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष में उत्तर प्रदेश के पौराणिक मंदिरों में श्री रामचरित मानस का पाठ चल रहा है इस पाठ का उद्देश्य जन जन तक राम के चरित्र को पहुंचाना। महर्षि वाल्मीकि जी ने अपने कठिन परिश्रम तपस्या से बाल्मीकि रामायण की रचना की महर्षि वाल्मीकि सभी सनातनियों के प्रेरणा स्रोत ऋषि हैं। रामचरितमानस मनुष्य के रूप में भगवान का चरित्र का गुणगान किया गया पूरे परिवार को एकता के साथ रहने की संदेश रामायण से प्राप्त होता है। आज हर घर में वाद विवाद चल रहा है माता-पिता का सम्मान भाई-बहन का सम्मान नहीं है। उसका कारण है कि हम अपने धर्म ग्रंथो से दूर होते चले गए। महंत बराहा गिरि ने कहा सभी सनातनियों को अपने धर्म ग्रंथो का अध्ययन करना चाहिए तभी कल्याण संभव है। संत अपना जीवन तब और तपस्या के द्वारा संसार को जगाते हैं संसार संतो के बताए गए मार्ग पर चलता है तभी कल्याण हो सकता है। महर्षि वाल्मीकि जी ने बाल्मीकि रामायण संस्कृत में रचना की उत्तर प्रदेश सरकार प्रत्येक वर्ष महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सभी पौराणिक मंदिरों में होती है। रामचरितमानस का पाठ इसके श्रवण करने से मनुष्य का होता है कल्याण इस अवसर पर पुजारी गजेंद्र गिरी, स्वामी सत्यानंद गिरी, मनोज भारती, लाला श्रीराम गर्ग, मनी गिरी, गोपाल गिरी प्रहलाद यादव, कैलाश चंद, बबली सिंह, पंडित भवन चंद, स्वराडी पंडित खिलाननद विष्ट, पंडित राम कृष्ण दास सहित रहे।