‘नेताजी’ के ‘डायग्नोस्टिक’ सेन्टर पर हो रहा ‘भ्रूण  हत्या’


बस्ती। भानपुर के कुछ नेताओं की छवि इतनी खराब हो गई है। उन्हें पैसे के आगे अपनी खराब हो रही छवि की कोई चिंता नही। ऐसे लोगों पर कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनके पैसा कमाने के चक्कर में अनेक दुनिया में आने से पहले ही न जाने कितने बच्चों की मौत हो जा रही है। ऐसे लोगों को समझ में ही नहीं आता कि इनके लिए क्या महत्वपूर्ण हैं, पैसा या बच्चे की मौत। रही बात सीएमओ औनर उनके गैंग की तो यह लोग और भी संवेदनहीन हो गए, इन्हें अपने बखरे से मतलब रहता हैं, कोई जिए या मरे कोई फर्क नहीं पड़ता। कहना गलत नहीं होगा कि स्वास्थ्य व्यवस्था ऐसे लोगों के हाथों में चली गई, जिससे समाज सेवा से कोई मतलब नहीं। कहा भी जाता है, कि जब नेता ही गलत काम करने लगेगा तो मरीजों और बच्चों को बचाएगा कौन?

अप्रशिक्षित लोग जब अल्ट्रासाउंड और सिजेरियन आपरेशन करेगें तो मौत होगी ही। मरीजों के जान से खेलने वाले राजनैतिक रसूख रखने वाले अधिकारियों को धमकाने मे अपनी शान समझते हैं। जिस तरह बार-बार भानपुर सीएचसी पास स्थित पब्लिक डायग्नोस्टिक सेन्टर और पब्लिक हास्पिटल का नाम सामने आ रहा है, उससे सीएमओ पर सवाल खड़ा हो रहा है। भानपुर सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ0 सचिन ने सीएमओ को पब्लिक डायग्नोस्टिक सेन्टर और पब्लिक हास्पिटल के नाजायज गतिविधियों के विरूद्व कार्यवाही के लिए अनेकों पत्र लिखा। लेकिन राजनैतिक रसूख के चलते कोई कार्यवाही संभव नही हो पाया। यहां भ्रण परीक्षण से लेकर भ्रूण हत्या करने की सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। बस मुंहमांगा रकम मिलना चाहिए। यह स्थिति किसी को भी चिन्ता में डालने का गंभीर विषय हैं। यहां तो कितने मरीजों का आर्थिक व शारीरिक क्षति हो चुका होगा लेकिन राजनैतिक हनक के आगे मरीजों की चीख दब गयी। स्वास्थ्य महकमा तमाशा देख रहा है। विभाग के अधिकारी आये दिन निरीक्षण भी करते हैं लेकिन साहब लोगों को यह गंभीर मामले क्यों नही दिखाई देते ? बताते चलें कि भानपुर सीएचसी पास स्थित पब्लिक डायग्नोस्टिक सेन्टर और पब्लिक हास्पिटल संचालित है जिसमें काई प्रशिक्षित चिकित्सक मौजूद नही होता। यहां अल्ट्रासाउंड और सिजेरियन आपरेशन मुन्नाभाई लोग कर रहे हैं। इतना ही यदि भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो यहां भ्रूण परीक्षण से लेकर भ्रूण हत्याएं तक के होने की गंभीर खबरे आ रही है। विभाग मरीजों की बर्बादी और होने वाली मौतों का तमाशा देख रहा है। हैरान करने वाली बात तो यह है कि पब्लिक डायग्नोस्टिक सेन्टर का पीसीपीएनडीटी काफी समय पहले ही निलम्बित किया जा चुका हैं। यह सेन्टर क्यों और किसके प्रभाव मे संचालित हो रहा है ? इसका जबाब देने वाला कोई नही है। सीएमओ डॉ0 राजीव निगम का कहना हैं, कि प्रकरण गंभीर है एमओआईसी भानपुर द्वारा प्रेशित किया गया पत्र कहां है जांच कराकर पब्लिक डायग्नोस्टिक सेन्टर और पब्लिक हास्पिटल के विरूद्व कड़ी कार्यवाही अमल मे लाई जायेगी। किसी भी दशा मे दोषी को बख्शा नही जायेगा। वैसे यह पहला सेंटर और हास्पिटल नहीं हैं, जहां पर अप्रषिक्षित आपरेशन कर रहें और अल्टासाउंड चला रहे है। डेली न जाने कितने बच्चों की हत्या हो रही है, और न जाने कितनी गर्भवती की मौत हो रही है। इसे रोकने की जिसकी जिम्मेदारी हैं, वह भी इस गोरखधंधे में लिप्त है। जाहिर सी बात नेताओं की हिम्मत तो बढ़ेगी ही।