नए नोएडा का सपना जल्द होगा साकार, मई से शुरू होगा भूमि अधिग्रहण
नोएडा, जो अब अपने 50वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, एक और नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है। नोएडा प्राधिकरण अब "नया नोएडा" बसाने की तैयारी में है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया मई 2025 से शुरू की जाएगी।
नया नोएडा, जिसका आधिकारिक नाम दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन (DNGIR) है, कुल 209.11 वर्ग किलोमीटर (20,911.29 हेक्टेयर) क्षेत्रफल में बसाया जाएगा। यह क्षेत्र बुलंदशहर और दादरी के 80 गांवों में फैला होगा, जिसकी अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है।
मास्टर प्लान-2041 को अक्टूबर 2023 में स्वीकृति दी गई थी, जिसे स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), दिल्ली ने तैयार किया है। यह प्लान नोएडा के 210वीं बोर्ड बैठक में प्रस्तुत किया गया और जनवरी 2024 में शासन को अनुमोदन हेतु भेजा गया था।
चार चरणों में होगा विकास:
- पहला चरण (2023–2027): 3,165 हेक्टेयर भूमि का विकास
- दूसरा चरण (2027–2032): 3,798 हेक्टेयर भूमि का विकास
- तीसरा चरण (2032–2037): 5,908 हेक्टेयर भूमि का विकास
- चौथा चरण (2037–2041): 8,230 हेक्टेयर भूमि का विकास
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आपसी सहमति, धारा 4 और 6, और गुरुग्राम मॉडल (जहां डेवलपर्स को विकास का अधिकार मिलता है) जैसे विभिन्न तरीकों से की जाएगी। प्राथमिकता आपसी सहमति से भूमि लेने की है।
1,000 करोड़ रुपये का बजट भूमि अधिग्रहण और आंतरिक विकास के लिए मंजूर किया गया है, जो हाल ही में प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में स्वीकृत हुआ।
प्रारंभ में इस योजना की जिम्मेदारी यूपीसीडा को दी गई थी, लेकिन 29 जनवरी 2021 को इसे नोएडा प्राधिकरण को सौंप दिया गया। यह शहर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास का इंजन बनने की दिशा में अग्रसर है।
लोकेश एम., सीईओ, नोएडा प्राधिकरण के अनुसार:
"नए नोएडा के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य मई से आरंभ कर दिया जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि इसे देश के बेहतरीन शहरों में शामिल किया जाए।"
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