-100 करोड़ का वाटर स्टेडिएम योजना ़लाकर इंदिरा चेरिटेबुल सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय कुमार पांडेय ने यह साबित कर दिया कि जिले के विकास के लिए सांसद और विधायक होना कोई जरुरी नहीं
-वाटर स्टेडिएम बन जाने से चंदो ताल से जिले के सैकड़ों युवा खिलाड़ियों को अपनी हुनर दिखाने का मौका मिलेगा, और वे देश विदेश में जिले का नाम रोशन करेगें
-एक तरह से अजय पांडेय ने जिले के सबसे बड़ी विकास योजना को लाकर उन लोगों को पीछे छोड़ दिया जो जनता को विकास का सपना दिखा कर एमपी-एमएलए बनतें
-इससे पहले अजय पांडेय, राज्यपाल के हाथों गरिमा गृह का उदघाटन करवा कर अपनी उपयोगिता को साबित कर चुकें, केंद्रीय भूजल बोर्ड के निरीक्षण के बाद योजना को हरी झंडी मिलने की संभावना बढ़ गई
बस्ती। सांसद और विधायक निधि को बेचकर जिस तरह सांसद और विधायकों ने मिनी इंडोर स्टेडिएम, आडिटोरिएम और गेट से जिले का विकास करने का दावा किया, उन सांसद और विधायकों को 100 करोड़ की लागत से चंदो ताल में वाटर स्टेडिएम की योजना लाकर इंदिरा चेरिटेबुल सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय कुमार पांडेय ने बता दिया कि जिले का विकास सिर्फ सांसद और विधायक निधि बेचकर ही नहीं बल्कि ईमानदारी और लगन एक आम व्यक्ति भी विकास कर सकता है। इस सच को अजय कुमार पांडेय ने बखूबी साबित भी कर दिखाया। 100 करोड़ की परियोजना लाकर एक तरह से इन्होंने सांसद और विधायकों की क्षमता और उपयोगिता पर सवाल खड़ा कर दिया। वाटर स्टेडिएम बन जाने से चंदो ताल से जिले के सैकड़ों युवा खिलाड़ियों को अपनी हुनर दिखाने का मौका मिलेगा, और वे देष विदेश में जिले का नाम रोशन करेगें, एक तरह से अजय पांडेय ने जिले के सबसे बड़ी विकास परियोजना को लाकर उन लोगों को पीछे छोड़ दिया जो जनता को विकास का सपना दिखा कर एमपी-एमएलए बन तो जातें हैं, लेकिन समुचित विकास नहीं करते। यह वही अजय पांडेय हैं, जन्होंने मैडम राज्यपाल के हाथों गरिमा गृह का उदघाटन करवा कर अपनी उपयोगिता को साबित कर चुकें है। केंद्रीय भूजल बोर्ड के निरीक्षण के बाद योजना को हरी झंडी मिलने की संभावना बढ़ गई। कहा भी जाता है, कि अगर किसी आम आदमी का जिले के विकास में कोई योगदान होता तो उसकी सराहना और चर्चा उन जनप्रतिनिधियों से अधिक होती, जो निधि बेचकर विकास करने का दावा करते हैं।

वॉटर स्टेडियम बनने से क्षेत्र के सैकड़ों युवा खिलाड़ियों को देश विदेश में खेलने का मौका मिलेगा यह भी संभव है कि बस्ती के और उसके आस पास जिलों के खिलाड़ी ओलंपिक खेलों में भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर सके। इससे मोटे अनाज की खेती किसानों की आय को दोगुना करने के भी प्रयास किए जा सकते हैं। चंदो ताल में राष्ट्रीय पुष्प कमल का पैदावार उच्च लेवल पे किया जाता है, जिसका व्यवसायीकरण किया जा सकता है, और संबंधित लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। मछली पालन के द्वारा उचित रोजगार पैदा किया जा सकता है।
पर्यटन के रुप में विकसित होने पर क्षेत्र में रोजगार का सृजन होगा और क्षेत्र का विकास होगा जिससे दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को रोजगार दिया जा सकता है। यह सौभाग्य की बात हैं, कि पर्यटन मानचित्र में बस्ती का नाम भी शामिल हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण और जल की उपलब्धता को भी बढ़ावा देने की मंशा भी इससे पूरी होगी। चंदो ताल में वाटर स्टेडिएम के बारे में अजय कुमार पांडेय ने बताया कि पर्यटकों के लिए सुरक्षित बोटिगं व्यवस्था होगी, कयाक, पैडल, जेट स्की जैसे खेल होगें, दर्शक दीर्घा की व्यवस्था होगी, जहां पर लोग प्रतियोगिता या फिर कार्यक्रम का आंनद उठा सकेगें, इको-टूरिज्म पार्क होगा, जिसमें झील के आसपास हरियाली और वाकिगं पथ और बेठने की जगह होगी, इसे सांस्कृतिक स्थाल के रुप में भी विकसित किया जाएगा, जहां पर स्थानीय उत्सव, मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा, बोटिगं करने वालों की सुरक्षा और सफाई व्यवस्था का पूरा इंतजाम होगा, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू टीम रहेगी और जल संरक्षण होगा। कहते हैं, कि वाटर स्टेडिएम बन जाने से र्प्यटन को बढ़ावा मिलेगा और सबसे बड़ी बात स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, क्षेत्र की सड़के, बिजली और अन्य सुविधाएं बेहतर होंगी, स्थानीय लोगों को नौकायन, गाइड और दुकानों के जरिए आय होगी और झील के संरक्षण और सौंदर्यीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
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