कुंभ के मेले में VIP कल्चर ने कई तरह के नुक्सान किए हैं। सबसे बड़ा नुकसान यह हुआ है कि यह आम श्रद्धालुओं और विशेष रूप से गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों को मेले में समानता का अनुभव नहीं होने देता। VIP कल्चर के कारण विशेष लोग अपनी सुविधाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था का लाभ उठाते हैं, जबकि आम श्रद्धालुओं को भारी भीड़ और असुविधाओं का सामना करना पड़ता है।

इसके अतिरिक्त, सुरक्षा और व्यवस्थाओं में भी असंतुलन पैदा होता है। VIP लोग अक्सर अपने उच्च पद या प्रभाव का इस्तेमाल कर मेले में विशेष सुविधाओं का लाभ उठाते हैं, जबकि सामान्य लोग संघर्ष करते हैं। इससे सामाजिक भेदभाव बढ़ता है और समाज में समानता की भावना कमजोर होती है।

इस प्रकार, VIP कल्चर मेले के आध्यात्मिक और सामाजिक उद्देश्य को धुंधला कर देता है, क्योंकि यह धार्मिक अनुभव को एक विशेष वर्ग के लिए सीमित कर देता है, बजाय इसके कि यह सभी के लिए एक समान और समावेशी अनुभव बने।