क्या ‘योगीराज’ में ‘रफीउदीन’ को ‘न्याय’ और ‘डा. प्रमोद चौधरी’ को ‘सजा’ मिल ‘पाएगा’?
- -थकहार कर रफीउदीन खान ने महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को पत्र लिखकर उनसे न्याय और उनकी डिग्री का दुरुपयोग करने वाले मेडीवर्ल्ड हास्पिटल के डा. प्रमोद चौधरी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की
बस्ती। बार-बार सवाल उठ रहा है, कि क्या रफीउद्दीन खान को न्याय और इनके डिग्री का दुरुपयोग करने वाले मेडीवर्ल्ड हास्पिटल के डा. प्रमोद चौधरी को सजा मिल पाएगा? जिस तरह सीएमओ और नोडल डा. एसबी सिंह मेडीवर्ल्ड हास्पिटल के डा. प्रमोद चौधरी का बचाव कर रहे हैं, उसे देखकर नहीं लगता कि रफीउदीन को न्याय और डा. प्रमोद चौधरी को सजा मिल पाएगी। एक सही व्यक्ति न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रहा है, और डा. प्रमोद चौधरी मलाई काट रहे है। थकहार कर रफीउदीन खान ने महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को पत्र लिखकर उनसे न्याय और उनकी डिग्री का दुरुपयोग करने वाले मेडीवर्ल्ड हास्पिटल के डा. प्रमोद चौधरी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
लिखे पत्र में रफीउदीन खान पुत्र मैनुद्दीन खान ने कहा कि उसने जुलाई 2020 में सरदार पटेल इंस्टिट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस से एक्सरे टेक्नीशियन की पढ़ाई शिक्षा उत्तीर्ण कर रजिस्टर्ड है जिसका नंबर एक्स-रे 4056 रजिस्टर्ड है। कहा कि मेरी डिग्री की छाया प्रति कहीं से प्राप्त कर मेडीवर्ल्ड हास्पिटल मनहनडीह निकट टीबी अस्पताल बस्ती ने अपने हास्पिटल के रजिस्ट्रेशन में लगा लिया है, उक्त डिग्री तब से लगा हुआ है जब से मेडीवर्ल्ड हास्पिटल मनहनडीह निकट टीवी अस्पताल अस्तित्व में है। उक्त की जानकारी डिग्री धारी को नहीं था न डिग्री धारी रफीउद्दीन कोयह ज्ञात था की उक्त हास्पिटल का संचालित हो रहा है। कहा कि 20 सितंबर 2025 को जब इसकी जानकारी डिग्री धारी रफीउद्दीन खान को हुआ तो तत्काल उन्होंने दूरभाष पर इसकी जानकारी उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी नोडल अधिकारी हॉस्पिटल को दिया। इस पर तत्काल नोडल अधिकारी द्वारा 20 सितंबर 2025 को ही मेडीवर्ल्ड हास्पिटल प्रबंध संचालक निदेशक से नोटिस देकर एक दिवस में उनका पक्ष जवाब मांगा किंतु उक्त हास्पिटल द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। नोडल अधिकारी ने 29 सितंबर 2025 को पुनः दूसरी नोटिस देकर मेडिवर्ल्ड हास्पिटल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर ओपीडी आईपीडी बंद करने का आदेश दिया। लेकिन पता नहीं किन कतिपय कारणों से रफीउद्दीन खान के शिकायत का बिना निस्तारण किए पुनः मेडीवर्ल्ड हास्पिटल का पंजीकरण कर दिया गया जो सरसर गलत अन्याय पूर्ण है। कहा कि रफीउद्दीन खान न्याय के लिए दर-दर भटक रहे ह,ैं मेडीवर्ल्ड हास्पिटल का पुनः रजिस्ट्रेशन किया जाना भी बड़ा संदेहास्पद है।
जबकि यह स्पष्ट है कि यदि कोई हास्पिटल किसी टेक्नीशियन को बिना बताए उसकी डिग्री का अनाधिकृत रूप से प्रयोग करता है तो यह गैर कानूनी व अनैतिक है, बिना अनुमति के किसी की डिग्री क्रेडेंशियल का उपयोग करना धोखाधड़ी है। उसके बाद भी बिना रफीउद्दीन खान के शिकायत की जांच पूर्ण किए पुनः मेडीवर्ल्ड हास्पिटल का पंजीकरण किया जाना सीएमओ कार्यालय व जिम्मेदारों पर बड़ा प्रश्न चिन्ह है। नोडल अधिकारी द्वारा 03-03 बार मेडि वर्ल्ड हास्पिटल को नोटिस दिया जाना और फिर हास्पिटल का पंजीकरण किया जाना नोडल व सीएमओ के कदाचार पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगाता?। अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण बस्ती मंडल को साक्ष्य संलग्न शपथपत्र दिए जाने पर कार्रवाई न किया जाना आला अधिकारियों के कदाचार पर बड़ा प्रश्न चिन्ह? लगातार प्रार्थी को ही दौड़ाया जाना व उल जलूल प्रश्न किया जाना सीएमओ व नोडल अधिकारी के भ्रष्ट चरित्र को दर्शाता है। पीड़ित रफीउद्दीन खान को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। रफीउद्दीन के साथ कोई घटना घटित होती है तो सीएमओ नोडल व मेडीवर्ल्ड हास्पिटल के संचालक सभापति रेडक्रास सोसायटी बस्ती डॉ प्रमोद कुमार चौधरी जिम्मेदार होंगे। कहा कि भ्रष्टाचार के आगे सत्य को कुचला जा रहा है सीएमओ आफिस व अधिकारी लिपिक भ्रष्टाचार के पर्याय बन गये है।
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