‘कब’ दिखेगा ‘रेडक्रास’ सोसायटी में ‘एकता’

बस्ती। पता नहीं कब रेडक्रास सोसायटी में वह एकता देखने को मिलेगी, तिजसके लिए यी जना जाता रहा है। सवाल उठ रहा है, कि जब कार्यकारिणी के दस लोगों में एकता नहीं रहेगी, इनके कामकाज पर सवाल उठेगा ही। लगता है, कि बिना एकता के कार्यकारिणी का कार्य समाप्त हो जाएगा। रेडक्रास जैसी संस्था में एकता होना अतिआवष्यक है। इसी एकता ने कोरोना काल में अपनी अमिट छाप छोड़ी, और आज कंबल वितरण में भी एकता नहीं दिखा रही है। अगर कंबल वितरण का कैंप लगता है, और उसमें पांच-छह लोगों ही भागीदारी रहती है, तो सवाल तो सभापति और सचिव पर उठेगा ही। बहरहाल कबंल वितरण करवाकर रेडक्रस सोसायटी ने बुत ही नपुनीत कार्य किया, जिसकी जितनी भी सराहना की जाए, कम हैं, क्यों कि गरीबों को कंबल की आवष्यकता थी। भयंकर शीतलहर और ठंड के प्रकोप को देखते हुए भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी बस्ती ने भूअर गांव में जरूतमंदों में कंबल, बिस्किट, जैसी राहत सामग्री बांटकर मानवता का परिचय दिया। सचिव रंजीत श्रीवास्तव ने बताया कि भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी लगातार समाज सेवा के क्षेत्र में कुछ ना कुछ कार्य करती रहती है। हर व्यक्ति को समाज में आगे आकर मानवता का परिचय देना चाहिए, इस भयानक शीतलहर में जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरण कर एक छोटी सी मदद की गई है, जिससे किसी व्यक्ति की ठंड की वजह से जान न जाये, इसी कड़ी में आज लगभग 110 कंबल का वितरण किया गया। कार्यक्रम संयोजक व सोसाइटी के कोषाध्यक्ष राजेश कुमार ओझा ने कहा कि सोसाइटी लगातार जरूरतमंदों को चिन्हित कर कंबल वितरण करायेगी। उपसभापति डा. एल के पांडे ने कहा कि मानवता ही सर्वोपरि है, रेडक्रॉस सोसाइटी लगातार निस्वार्थ भाव से कर रही है। सभापति डॉक्टर प्रमोद चौधरी ने पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए लोगों में विश्वास जताया की रेडक्रॉस सोसाइटी की संपूर्ण टीम उनके साथ सदैव खड़ी है। कार्यक्रम मे समाजसेवी अजय चौहान ने बढ़ चढ़ कर सहयोग किया। रेडक्रॉस सोसाइटी के सक्रिय सदस्य रणविजय सिँह, लक्ष्मी अरोरा, समाजसेवी संध्या दीक्षित, मधु मिनोत्रा, ने कंबल बॉटने मे भरपूर सहयोग किया।