हापुड़। भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मान्य वामन मेश्राम और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी विकास पटेल के आह्वान पर आज देशभर में चार चरणों के आंदोलन का शंखनाद किया गया। इसी कड़ी में शुक्रवार को हापुड़ जिला मुख्यालय पर भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी (SDM) के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।

ओबीसी जनगणना में 'धोखेबाजी' का आरोप

प्रदर्शन के दौरान बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट मुकेश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने कैबिनेट में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना का फैसला तो लिया, लेकिन हालिया जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी जातियों के लिए अलग कॉलम नहीं दिया गया है। उन्होंने इसे ओबीसी समाज के साथ सीधे तौर पर धोखेबाजी करार देते हुए मांग की कि आगामी जनगणना में ओबीसी का कॉलम अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए।

आंदोलन की मुख्य मांगें:

ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया है:

 * जाति आधारित जनगणना: राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी और अन्य जातियों का स्पष्ट कॉलम शामिल किया जाए।

 * सख्त यूजीसी बिल: एससी, एसटी और ओबीसी के हितों की रक्षा के लिए कमजोर यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन के स्थान पर सख्त कानून बनाकर लागू किया जाए।

 * शिक्षकों को टीईटी से मुक्ति: वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की बाध्यता से मुक्त किया जाए।

इनकी रही उपस्थिति

ज्ञापन सौंपने के दौरान भारत मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष बबलू गौतम और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला संयोजक नंदकिशोर सैनी के नेतृत्व में भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस अवसर पर रीना वर्मा, प्रकाशी, कविता, राजेंद्र बक्शी, नवरत्न कुमार, विनोद कुमार, एडवोकेट कविता, कोमल, नरेंद्र कुमार, पुनीत कुमार, गोविंद राम, रविंद्र कुमार और शीशपाल सिंह सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर विचार नहीं किया, तो यह आंदोलन आगामी चरणों में और अधिक उग्र होगा।