बस्ती। आप लोगों ने बहुत कम सुना होगा कि नाबालिग के रेप के मामले में कप्तानगंज स्थित दारुल उलूम सुन्नत फैजुनबी के नामचीन मैनेजर हाजी मुनीर अली का दो बेटा, पोता और दामाद फंस हो। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हैं, उनमें हाजी मुनीर का पोता आसिफ पुत्र मो. अहमद और अनवर पुत्र हाजी मुनीर अली जो मदरसे के सदस्य हैं, और हाजी के दामाद साजिद जो मदरसे में टीचर है, का नाम षामिल है। पीड़ित लड़की की मां का कहना है, कि एफआईआर दर्ज हुए एक माह हो गया, और पुलिस ने अभी तक एक भी अभियुक्त को गिरफतार नहीं किया। कहती है, कि जब मेडिकल भी हो गया और लड़की का कोर्ट में बयान भी हो चुका है, उसके बावजूद गिरफतारी नहीं हो रही है, जिसके चलते पूरा खानदान परिवार और लड़की पर समझाौता करने का दबाव बना रहा है। सभी आरोपी खुले आम घूम रहे हैं। कहती है, कि हाजी मुनीर अली ने पूरे थाने को खरीद लिया है। न्यायालय में दिए गए बयान में लड़की ने रोडवेज स्थित नेताजी के बदनाम होटल का नाम लिया, जहां पर उसे ले जाकर पहले बलात्कार किया और उसके बाद उसका वीडियो बनाया। घटना के बारे में बताया कि 28 अप्रैल 26 को रात में अचानक हाजी मुनीर अली का पोता आसिफ उस घर में चला गया, जहां लड़की सो रही थी, कहा कि पोते ने पहले लड़की का गला दबाया, उसके बाद फिर रेप किया, जब लड़की चिल्लाने लगी तो पोता ने अपने आप को बाथरुम में बंद कर दिया, आवाज सुनकर गांव वाले आए और लड़के को बाथरुम से बाहर निकाला और 112 को बुलाकर उसके हवाले कर दिया। लड़की मां एफआईआर दर्ज कराने गई तो पहले समझौता करने का दबाव बनाया। बड़ी मुस्किल से पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया, कहा कि पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर दिया, लेकिन हाजी के दबाव में आकर अभियुक्तों को गिरफतार नहीं कर रही है। अगर रेप के आरोप में मुकदमा दर्ज हो गया, और लड़की का मेडिकल और 164 का बयान भी हो गया तो फिर पुलिस क्यों नहीं अभी तक मुख्य आरोपी आसिफ सहित अन्य को गिरफतार कर पाई, ऐसा भी नहीं कि अभियुक्त विदेश भाग गए हो, गांव में ही सीना तानकर घूम रहे हैं, और लड़की और उसके परिवार को धमका रहे है। यह वही हाजी साहब हैं, जो पांच दामाद को नौकरी देकर फंसे हुए हैं, और छठें दामाद को नौकरी देने के लिए गुलाम मुस्तफा नामक टीचर को अनैतिक रुप से बर्खास्त कर दिया, जिसका मुकदमा उच्च न्यायालय में चल रहा है। ऐसा लगता है, कि मानो हाजी साहब को न तो अपनी और न अपने परिवार के इज्जत का कोई ख्याल नहीं। अगर मदरसे के मैनेजर का पोता बलात्कार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा जाता है, तो जाहिर सी बात बदनामी के छीटें मैनेजर साहब पर भी पड़ेगें। इस लिए कहा जाता कि किसी गरीब का हक मत मारिए, नहीं ंतो उपर वाला सजा देगा। जिस मदरसे के मैनेर हाजी साहब हैं, उसी मदरसे के बच्चे हाल ही में भीख मांगते पकड़े जा चुके है। अगर किसी मदरसे के बच्चे भीख मांगे तो उस मदरसे की मान्यता सरकार को समाप्त कर देनी चाहिए।
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