‘बायोमैट्रिक’ से सरकारी ‘अस्पतालों’ में होगी ‘हाजीरी’

बस्ती। आवास पर या फिर प्राइवेट अस्पतालों पर प्रेक्टिस कर लेट अस्पताल पहुंचने वाले डाक्टर अगर समय से अस्पताल नहीं पहुंचे तो वह गैरहाजिर हो जाएगें और वेतन भी कट जाएगा। ’महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य ने आदेश किया जारी  जिसमें ’प्रदेश के समस्त सरकारी अस्पतालों में बायोमैट्रिक हाजिरी अनिवार्य किया गया हैंें, अब लेट आने का कोई बहाना नहीं चलेगा, लेट आएगें तो वेतन कटना तय है, जिसका प्रभाव प्रमोषन और सीआर पर पड़ेगा। जिला चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय, सीएचसी, पीएचसी, सभी जगह बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य’ कर दिया गया है। इससे पहले यही व्यवस्था 2017 में भी लागू की गई थी, लेकिन कोराना आने के बाद इस व्यवस्था पर विराम लग गया था, अब फिर से व्यवस्था को लागू करने का फरमान जारी हुआ है। देखना है, कि यह व्यवस्था कब तक चल पाएगी, क्यों कि लेट आने वाले डाक्टर्स और कर्मचारी की आदत इतनी जल्दी नहीं सुधरेगी। लेट आने के पीछे अधिकांष डाक्टरों का मकसद आवास और प्राइवेट अस्पतालों में प्रक्टिस के जरिए पैसा कमाना रहता है।