बस्ती। जागरुक अभिभावक चंद्रेश प्रताप सिंह कहते हैं, कि इतिहास गवाह हैं, कि शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण किसी भी देश की प्रगति के लिए आधारभूत स्तंभ है, जिन देशों ने जनता को शिक्षित और आर्थिक रूप से मजबूत बनाया, उन देशों ने वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाई, जिन देशों ने शिक्षा को गले लगाया, वही दुनिया पर राज किया, राजनीतिक दलें मजबूत हो रही है और देश की जनता आर्थिक रूप से कमजोर हो गई, आम लोगों का मानना है कि कांग्रेस लाख बुरी हो लेकिन कुछ चीजों में इतना बुरा तो नहीं किया, शिक्षा. बेरोजगारी और विपक्ष को कमजोर कभी नहीं किया, इस देश के लोग शिक्षित होते तो वह पूरे दुनिया पर राज करते हैं, सवाल करते हैं, कि हमारे देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार कभी शिक्षा की बात क्यों नहीं करती? कांग्रेस में आप भी खाओ हम भी खाएं यानी दोनों लोगों का पेट भरा रहे इस सरकार में कुछ लोगों का ही पेट भर रहा है।

कांग्रेस सरकार में विपक्ष इतना कमजोर नहीं होता था, कम से कम आम जनता की बात सरकार तक पहुंचती थी, होनहार बिरवान के होत चीकने पात, प्रतिभाशाली छात्र भी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं आर्थिक स्थिति ठीक न होने कारण उनके सामने बाधा उत्पन्न हो रही। उत्तर प्रदेश में 25-30 फीसद छात्रों को केवल छात्रवृत्ति दी गई 70 फीसद छात्रवृत्ति अंतिम वित्तीय वर्ष होने के कारण वापस चली गई। कहते हैं, जिस दिन भाजपा शुक्षा पर ध्यान देना शुरु कर देगी, उस दिन से देष भी आर्थिक रुप से मजबूत होने लगेगा। मगर, अफसोस भाजपा क्षा को बढ़ावा देने के बजाए, षिक्षा को गर्त में ले जा रही है। विपक्ष भी भाजपा को यह एहसास नहीं करा पा रही है, कि देश में शिक्षा का स्तर उंचा होना कितना आवष्यक है। देश को शिक्षित करने में सिर्फ सत्ता पक्ष का ही नहीं बल्कि विपक्ष की भी जिम्मेदारी है।