आसमान’ में ‘उड़ने’ वाले ‘बाबा’ क्या जाने टूटी ‘सड़कों’ पर ‘चलने’ वालों का ‘दर्द’?

बस्ती। कप्तानगंज के सपा के युवा विधायक अतुल चौधरी के बारे में जो लोग जानते नहीं उन्हें यह खबर अवष्य पढ़नी चाहिए। जिस विधायक को जो लोग यह समझते थे, कि इन्हें न तो बोलना आता और न सरकार पर हमला करना ही आता है। जिस तरह इन्होंने मीडिया के सामने योगी सरकार की धज्जियां उड़ाई उसे देखकर लोगों को इनके बारे में अपनी राय बदलने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। मीडिया के तीखे सवालों का जिस तरह विधायकजी ने जबाव दिया, उससे यह लगने लगा कि यह सिर्फ नाम के विधायक नहीं बल्कि काम के भी विधायक है। इन्हें बोला भी आता है, और सरकार पर हमला करना भी आता। कहा कि यह सरकार अपनी पीठ खुद थपथपा रही है। किसानों को खाद नहीं मिल रहा, खाद लेने के लिए किसानों को बिना कुछ खाए पिए पांच बजे सुबह ही घर से निकलना पड़ता है, दिन भर लाइन लगाने के बाद भी उसका जब नंबर आता है, तो पता चलता है, खाद समाप्त हो गई, दूसरे और तीसरे दिन फिर वह समिति और रिेटेलर्स के यहां लाइन लगाने जाता है, फिर भी उसे खाद नहीं मिलती, थकहार किसान ब्लैक में खाद खरीदता है। योगीजी कहते हैं, कि हम जिले को भरपूर खाद दे रहे हैं, सवाल उठ रहा है, कि जब समितियों को आवष्यकता से अधिक खाद मिल रही है, है, तो क्यों नहीं किसानों को खाद मिल रहा है? और खाद जा कहां रहा है? दावे के साथ कहते हैं, कि खाद की कालाबाजारी हो रही हैं, जिला कृषि अधिकारी और एआर दोनों खाद की कालाबाजारी के लिए जिम्मेदार है। कहते हैं, कि यह दोनों अधिकारी और उनके सचिव एवं बाबू किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए जोर नहीं दे रहे हैं, बल्कि खाद की कालाबाजारी कैसे हो उस पर जोर दे रहे है। जोर देकर कहा कि आज जो किसानों को खाद नहीं मिल रहा है, उसके लिए यही दोनों अधिकारी जिम्मेदार है। कहा कि खाद के लिए कई-कई दिन किसान अपने बच्चों का मुंह तक नहीं देख पाता। यह सरकार किसानों के साथ छलावा कर रही है। चीनी मिल चलवाने का सपना दिखाकर बाबाजी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर तो बैठ गए, लेकिन किसानों का सपना-सपना ही रह गया। कुर्सी पर बैठे लगभग सौ साल हो गए, लेकिन बस्ती और वाल्टरगंज चीनी मिल चालू नहीं करवा पाए, बल्कि वाल्टरगंज चीनी मिल का पार्ट तो बेचा जा रहा हैं, जिसके लिए किसान विरोध कर रहे हैं, धरने पर बैठे है। एक सवाल के जबाव में कहा कि यह सरकार नौजवानों, किसानों, हमारी बहनों और माताओं को धोखे में रखकर ठग रही है, जुमला देने का काम कर रही है। रही बात विकास की तो लोगों को दूर-दूर तक विकास से कोई सरोकार नही। सबकुछ जानते हुए भी योगीजी भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ जानबूझकर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिसके चलते पूरा जिला भ्रष्टाचार की आग में जल रहा है। कहते हैं, कि हम लोग ज्ञापन पर ज्ञापन देे रहे हैं, लेकिन सरकार न तो सुन रही है, और न भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई ही कर रही है। बाबाजी पर हमला बोलते हुए कहते हैं, कि जो व्यक्ति उड़नखटोला से चलेगा वह टूटी-फूटी सड़कों पर चलने वालों का दर्द क्या जाने? इनके लिए तो टूटी-फूटी सड़कें भी रातों रात चमका दिया जाता हैं, वहीं पर एक आम आदमी को सालों से टूटी-फूटी सड़कों पर चलना पड़ता है। एक जबाव में यह कहा कि सूबे को अखिलेशसिंह यादव जैसा सीएम चाहिए। जो विकास नेताजी ने किया, उसी को भाजपा वाले अपना बताकर प्रचार कर रहे है। एक अन्य सवाल के जबाव में कहा कि बड़ी उम्मीद के साथ संजय निशाद ने भाजपा का दामन थामा था, लेकिन जब किसी की उम्मीद पूरी नहीं होगी, तो उसका दर्द झलकेगा ही। कहा कि मेरा पूरा समर्थन संजय निषाद के साथ है। जोर देकर कहा कि सूबे की जनता भाजपा सरकार से तंग आ चुकी है। 27 में जनता इसका बदला लेगी, और सपा की सरकार बनेगी।