सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डॉक्टरों को लापरवाही के लिए तभी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जब उसके पास अपेक्षित योग्यता और कौशल न हो या इलाज के दौरान उचित विशेषज्ञता का इस्तेमाल न किया गया हो.जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस पंकज मिथल की बेंच ने कहा कि जब मरीज का इलाज करते वक्त डॉक्टर की ओर से अपेक्षित सावधानी बरती गई हो तो यह कार्रवाई करने जैसा लापरवाही का मामला नहीं होगा, बशर्ते इसे गलत न साबित कर दिया जाए.