बदरखा गांव में  दो चचेरे भाईयों समेत चाचा ने किया जान लेवा हमला

गढ़मुक्तेश्वर। बदरखा गांव में जमीनी विवाद एक परिवार की बरबादी का नासूर बनता नजर आ रहा है। चाचा ने अपने दो बेटों के संग सगे भतीजे पर जान लेवा हमला करने मामले में शायद पुलिस को बड़ी वारदात का इंतजार है। जमीनी विवाद के चलते पहले भी दोनों पक्षों में कई बार झगड़ा हो चुका है। पुलिस की हीलाहवाली के कारण आज पक्ष  बवाल करने से बाज नहीं आ रहा है। बदरखा गांव निवासी शहादत ने बताया कि उसका भाई नजाकत ट्रक पर ड्राइवर है। शुक्रवार को गांव के बाहर ट्रक खड़ा कर अपने घर आ रहा था। चाचा जमशेद ने अपने बेटे आमिर और अनस के साथ उसके भाई नजाकत को रोक लिया और हमला कर घायल कर दिया। नजाकत बेहोश होकर गिर गया तो लोहे की रॉड से सिर पर वार कर सिर फोड़ दिया। इससे पहले भी घर में घुसकर उसके पिता शेखावत के दांत तोड़ दिए थे।कई बार हमला कर चुके है मगर अपनी पकड़ के कारण बच जाते है। हापुड़ के बड़नोली की घटना का बवाल हो या मेरठ में ललिता कांड में रवि गौतम प्रकरण पुलिस की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़ा कर रहे है।

पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल
गढ़मुक्तेश्वर में चोरी की घटना लगातार बढ़ रही है। अपराधी किस्म के खुले घूम रहे है। बड़े बदमाशों ने बालकों को नशा का आदि बनाकर चोर बना दिया है। बाल अपराधियों की करीब एक दर्जन चोरी की घटना सीसीटीवी में कैद होने के बाद आला अधिकारियों के संज्ञान में लाए जाने के बाद भी कोई कारवाई नहीं होना पुलिस की कार्यशैली पर एक बड़ा सवाल है।

सीओ राहुल यादव का कहना है कि पीड़ित की तहरीर पर जमशेद,आमिर,अनस के खिलाफ केश दर्ज कर मामले में कारवाई की जा रही है।