पात्र को अपात्र किया और अपात्र को प्रथम स्थान दिया
-16 से ज्यादा गाटा में जमीन रखने वाले लोगों का आंगनवाड़ी कार्यकत्री में चयन,
-लेखपाल ने भी बिना जांच के लगाई थी रिपोर्ट एसडीएम रूधौली से जांच कराने की मांग,
-बखरिया गांव में योग्य महिलाओं को दरकिनार कर पैसे वालों को बनाया पात्र,
बस्ती। विकासखंड रुधौली के ग्राम पंचायत बखरियां में वर्ष 2024 में मार्च अप्रैल में प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकत्री के चयन प्रक्रिया हेतु आवेदन भरवाया गया था जिसमें ग्राम पंचायत के कई लोगों ने अपनी वरीयता को रखते हुए चयन हेतु आवेदन किया था जिसको संज्ञान में लेते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा चयन प्रक्रिया को उल्लेखित किया था। जिस पर ग्रामीणों ने फर्जी तरीके से बीपीएल बने प्रिंसी शुक्ला पत्नी अरविंद कुमार पाण्डेय को पात्र घोषित करते हुए आदेश पारित किया था। जो नियमानुसार गलत है क्योंकि जिन अधिकारियों ने प्रिंस शुक्ला पत्नी अरविंद पाण्डेय को बीपीएल श्रेणी का पात्र बताया है उनके पास गाटा संख्या 356 में आधुनिक सुविधाओं से युक्त दो मंजिला मकान बना हुआ है इसके अलावा बखरिया में गाटा संख्या 388 में गाटा संख्या 104घ में पक्के मकान व भाड़े पर भी चल रहे हैं और भी लगभग 16 गाटाओं जमीन सहित चल अचल संपत्ति भी मौजूद है इसकी अतिरिक्त भी पैतृक निवास जनपद गोंडा के मनकापुर तहसील अंतर्गत मझोवा खुर्द में भी निवासगिर है जहां पर कई हेक्टर भूमि के वारिस हैं इनके पति भी वाराणसी में सनबीम लुब्रिकेंट्स कंपनी में महत्वपूर्व पद पर कार्यरत हैं जहां पर फिर बीपीएल श्रेणी में क्यों रखा गया एक बड़ा सवाल बना हुआ है। गांव के शिकायतकर्ता उर्मिला पुत्री राम रक्षा, प्रीति पुत्र रामबोध, शबनम खातून पत्नी फैयाज अंसारी आदि ने उपजिलाधिकारी रुधौली को शिकायती पत्र देकर बखरिया के आंगनबाड़ी कार्यकत्री पद पर आपात्र आवेदिका को संज्ञान में लेते हुए विधिक करवाई करने की मांग की है ग्रामीणों ने बताया कि अपनी साक्ष्य को छुपाकर तत्कालीन लेखपाल द्वारा भी फर्जी तरीके आय प्रमाण पत्र भी जारी करवा लिया था जिसकी जांचकर विधिक कार्रवाई की जाने की मांग की है। जबकि उनसे ज्यादा योग्य महिलाओं को आपात्र दिखाते हुए खारिज कर दिया गया जो बेहद ही निंदनीय है जिला कार्यक्रम अधिकारी बस्ती द्वारा प्रेशित लेटर वायरल होने के बाद लोगों ने दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
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