प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ के बीच देशभर से साधु-संतों का आना जारी है। इसी दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। आगरा के एक परिवार ने अपनी 13 साल की बेटी को जूना अखाड़े को समर्पित कर दिया है।
जल्द ही महाकुंभ में इस बच्ची का पिंडदान किया जाएगा, जिसके बाद वह सांसारिक जीवन को त्यागकर संन्यासी जीवन अपना लेगी। उसका नया नाम गौरी रखा गया है। बच्ची के माता-पिता का कहना है कि उनकी बेटी शुरुआत से ही साध्वी बनने की इच्छा रखती थी और यही उसकी आस्था और निर्णय है।
यह घटना चर्चा का विषय बन गई है और महाकुंभ में आने वाले लोगों के बीच खासा ध्यान आकर्षित कर रही है।
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