बस्ती। जिन जेलों में परींदा पर न मारने का दावा किया जाता है, उन जेलों में मोबाइल की सेवा मिल रही है। अगर जेलों में अपराधियों को मोबाइल की सेवा मिल जाए तो वह जेल से ही अपराध करेगें। जेल में खानपान और सिगरेट एवं गांजा मिलने की बाते तो बहुत सुनी लेकिन जेल में मोबाइल की सेवा मिलने की बात पहली बार सुनी जा रही है। यह आरोप या अफवाह नहीं बल्कि एक सच्चाई हैं, जिसे पास्को का अभियुक्त रंजीत पुत्र ओमप्रकाश निवासी ग्राम सिकटा थाना वाल्टरगंज जो जेल में बंद है, ने 30 मार्च 26 को 6.44 बजे 9289372099 से शिवांगी पुत्री विजेंद्र यादव निवासी मूड़घाट के 9919039153 पर फोन आया कि मेरे मुकदमें में जाकर सुलह कर लो, और मेरे पक्ष में बयान दे दो, नहीं तो तुम्हारा एक ही भाई शिवा हैं, जो स्कूल पढ़ने जाता है, उनको मैं जान से खत्म कर दूंगा। दर्ज एफआईआर में कहा गया, उसके पास मोबाइल रिकार्ड है। इसे लेकर महिला का पूरा परिवार डरा और भयभीत है। जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। यह उस जेल का सच है, जिसका निरीक्षण जज साहब और डीएम समय-समय पर करते रहते है। जितना बड़ा नाबालिग के साथ बलात्कार करके किया, उससे बड़ा अपराध जेल से फोन पर धमकी देकर रंजीत ने किया। इसकी जांच होनी चाहिए, और पता लगाना चाहिए, कि आखिर रंजीत को मोबाइल की सेवा किसने दी, जाहिर सी बात हैं, यह सेवा जेल के कर्मचारी ही दे सकते है। इसे जनता कौन सी कानून व्यवस्था कहे, जहां पर एक अपराधी जेल से मोबाइल पर जान से मारने की धमकी देता है।
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