महायोगी गुरु गोरक्षनाथ एवं गोरखनाथ मन्दिर, गोरखपुर
नाथ सम्प्रदाय हिन्दू धर्म, दर्शन, अध्यात्म और योग-साधना की परंपरा में एक प्रमुख स्थान रखता है। सम्प्रदाय के योगियों और सिद्धों का प्रभाव भारतवर्ष के प्रत्येक क्षेत्र में देखा जा सकता है। देशभर में फैले इसके तीर्थ-स्थल, मन्दिर, मठ, गुफाएँ और आश्रम इस सम्प्रदाय की व्यापकता और प्रभाव का प्रमाण हैं।
महायोगी गुरु गोरक्षनाथ इस सम्प्रदाय के महानतम आचार्यों में से एक माने जाते हैं। गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मन्दिर उनकी तपःस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। यह मन्दिर नाथ सम्प्रदाय का एक प्रमुख केन्द्र है और आध्यात्मिक साधना, योग और जनकल्याण के कार्यों का सक्रिय स्थल है।
नाथ सम्प्रदाय का योगदान केवल धार्मिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन, जन-जागरण और मानव कल्याण की दिशा में भी महत्वपूर्ण रहा है।
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