क्षत्रिय समाज ने यूजीसी कानून वापसी की रखी मांग
जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
समय की गंभीरता को नहीं समझा गया तो उठाना होगा भाजपा को नुकसान
बुलंदशहर । क्षत्रिय समाज अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय सचिव एवं जिलाध्यक्ष ओर भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेन्द्र सिंह द्वारा गुरुवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी कानून वापस लेने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा बताया गया हे कि प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कमजोर किए जाने की भाजपा रणनीति खेल रही हे जिसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा प्रदेश में सवर्ण अपने मुख्यमंत्री के लिए हर संभव प्रयासरत रहेगा तो वहीं क्षत्रिय महा सभा के राष्ट्रीय सचिव पृथ्वी राज ने बोला कि क्षत्रिय हमेशा से ही समाज की सुरक्षा और रक्षा करता आ रहा हे किन्तु यूजीसी पारित होने के बाद इसी समाज को अपने निर्दोष बच्चों के लिए झुकना पड़ सकता हे जो किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा यहां तक बोला गया हे कि अगर कानून वापस नहीं लिया जाता तो भारत के हिंदुओं को जिन्हें इस कानून द्वारा नफरत की आग में दो भागों में बाट दिया गया हे इन्हीं में गृह युद्ध होने की प्रबल संभावनाएं पैदा हो जाएगी जो किसी भी दृष्टि से न्यायोचित नहीं होगा ।क्षत्रिय समाज के सवर्णों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि यह कानून 13 जनवरी 2026 को लागू किया गया है। समाज का मानना है कि इसके दुष्परिणाम स्वरूप सवर्ण क्षत्रिय समाज के छात्र-छात्राओं में अनिश्चितता और उत्पीड़न का भय व्याप्त होगा।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि शिकायतकर्ता की शिकायत गलत पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई का प्रावधान नहीं है और न ही शिकायतकर्ता का नाम उजागर किया जाएगा। इससे सवर्ण समाज के छात्र-छात्राओं का शोषण होने की पूरी पूरी आशंका है।
समाज के लोगों ने विशेष रूप से सवर्ण समाज की छात्राओं के उत्पीड़न की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि दहेज विरोधी कानून और एससी-एसटी कानून का भी इतना दुरुपयोग नहीं हुआ, जितना इस यूजीसी कानून से सवर्णों का होगा।
क्षत्रिय समाज के लोगों ने बताया हे कि कानून में सभी वर्गों को समान अधिकार से देखा जाए और सवर्ण समाज को इस एक्ट की आग में न डाला जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आजादी के समय सवर्णों के योगदान को भाजपा सरकार दरकिनार कर रही है, जिसे समाज भूलेगा नहीं।
समाज ने सरकार से कानून वापस लेने या सभी को समानता के अधिकार से शिक्षा ग्रहण करने का अवसर प्रदान करने की अपील की। इस अवसर पर
ठा पृथ्वीराज सिंह राष्ट्रीय सचिव अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा एवं प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी सत्य, ठा धीरज पाल सिंह पूर्व क्षेत्राधिकारी उत्तर प्रदेश पुलिस एवं संरक्षक अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, ठाकुर धर्मेंद्र सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति, ठा लोकेंद्र पाल सिंह पूर्व सैनिक एवं प्रदेश संगठन मंत्री अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश, जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, विनोद चौहान पूर्व सैनिक राकेश सिंह जिला प्रभारी सोशल मीडिया राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी, पंकज अग्रवाल जिला अध्यक्ष भारतीय उद्योग व्यापार मंडल बुलंदशहर, मुनेशपाल सिंह, मनोज कुमार सिंह, गुफरान गाजी युवा जिला अध्यक्ष भारतीय उद्योग व्यापार मंडल सहित काफी तादात में क्षत्रिय एकत्रित हुआ ।
0 Comment